#हादसा

October 19, 2025

हिमाचल: दिवाली से एक दिन पहले राख का ढेर बना 10 कमरों का घर, त्यौहार की कर रखी थी तैयारी

घर में दिवाली मनाने की थी तैयारी, सिर से ही छीन गई छत

शेयर करें:

Himachal Rohru News

शिमला। दिवाली के त्यौहार की तैयारियां चल रही थी। घर में रौनक थी, लेकिन किसे पता था कि खुशियों का यह माहौल एक भयंकर हादसे में तब्दील हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में एक परिवार के सपनों का घर दिवाली से ठीक एक दिन पहले राख के ढेर में तबदील हो गया। यह घटना चिड़गांव तहसील के आंध्र गांव में रविवार दोपहर के समय हुई। इस भयावह अग्निकांड में चमन लाल मिस्त्री का 10 कमरों का लकड़ी से बना मकान चंद मिनटों में आग की लपटों में समा गया।

आंखों के सामने जल गया सपनों का घर

दोपहर करीब 2 बजे, जब घर में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक चमन लाल के घर से धुआं उठता दिखा। कुछ ही पलों में धुएं ने लपटों का रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन पानी की भारी कमी और मकान के लकड़ी के बने होने के कारण आग पर काबू पाना नामुमकिन हो गया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: दिवाली मनाने स्कूटी पर चंडीगढ़ से घर लौट रहे दो भाई, सीटीयू बस ने बुरी तरह से रौंदे

पानी की किल्लत ने बढ़ाया संकट

यह क्षेत्र सुखी धार के नाम से जाना जाता है, जहां जल स्रोतों की भारी कमी है। स्थानीय लोगों ने फौरन प्रशासन और अग्निशमन विभाग को सूचित किया। चिड़गांव फायर स्टेशन को 2रू21 बजे सूचना मिली, जिसके बाद फायर टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई। लेकिन तब तक आग अपना काम कर चुकी थी। दिवाली से एक दिन पहले चमन लाल का पूरा परिवार बेघर हो चुका था।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल भाजपा अध्यक्ष के भाई को मिली जमानत, 25 वर्षीय युवती ने लगाए हैं नीचता के आरोप

सब कुछ खत्म हो गया

गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिवार ने न केवल अपनी छत गंवाई, बल्कि अपनी जमा पूंजी, दिवाली की सारी तैयारियां, ज़रूरी दस्तावेज और सामान भी आग में स्वाहा हो गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दिवाली नहीं, अब केवल अंधेरा है

घटना से आहत चमन लाल की आंखें नम थीं। उन्होंने कहा कि हमने घर सजाया था, बच्चों ने दिए और मिठाइयों की तैयारी की थी। लेकिन अब कुछ भी नहीं बचा। सब कुछ आंखों के सामने जलकर राख हो गया। अब हमारे लिए दिवाली नहीं, सिर्फ अंधेरा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में पकड़ी 26 वर्षीय 'चिट्टा गर्ल', किराये के कमरे में साथी संग चला रही थी नशे का कारोबार

प्रशासन और समाज से मदद की उम्मीद

स्थानीय प्रशासन द्वारा तत्काल राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ग्रामीणों ने भी मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं। अब यह देखा जाना बाकी है कि प्रशासन इस पीड़ित परिवार को कितनी जल्दी स्थायी राहत उपलब्ध करा पाता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख