#हादसा
August 15, 2025
हिमाचल: स्वतंत्रता दिवस पर परिजनों ने खो दिया जवान बेटा, सीवेज टैंक में गिरने से गई जा*न
32 साल के युवक की सीवेज टैंक में गिरने से कई जान
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शिमला। आज जहां पूरा हिमाचल प्रदेश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा हुआ था, वहीं राजधानी शिमला के न्यू शिमला क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। रझाना क्षेत्र स्थित लालपानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय जय शिव पुत्र बंसी राम निवासी गांव मालोग डाकघर तारादेवी जिला शिमला के रूप में की गई है।
जय शिव सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बतौर कर्मचारी कार्यरत था। हादसे की जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे वह प्लांट के भीतर किसी कार्य के सिलसिले में उतरा था। इसी दौरान वह प्लांट में स्थित एक बड़े सीवेज टैंक में गिर गया। बताया जा रहा है कि टैंक का पानी अत्यधिक गहरा था और उसमें जहरीली गैस की तीव्र दुर्गंध भी फैली हुई थी] जिससे जय शिव टैंक से बाहर निकलने में असमर्थ रहा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना की भनक लगते ही प्लांट के अन्य कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे] लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। न्यू शिमला पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची और शव को टैंक से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला भेजा गया।
पुलिस ने इस हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और अब घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्राथमिक दृष्टि से यह एक कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना प्रतीत हो रही है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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मृतक जय शिव अविवाहित था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार के साथ-साथ गांव मालोग और आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक छा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए और सीवेज प्लांट में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
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यह घटना एक बार फिर से यह सवाल उठाती है कि क्या हमारे औद्योगिक और सार्वजनिक कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं या नहीं। स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर जहां हर नागरिक की सुरक्षा का संकल्प लिया जाता है, वहीं एक परिवार ने अपना इकलौता सहारा खो दिया, यह अत्यंत चिंतन का विषय है।