#यूटिलिटी

April 20, 2025

हिमाचल के 4 जिलों में जलस्रोत सूखे- खड्ड का पानी पीने को मजबूर लोग, महीने में 1 बार आ रहा पानी

सिरमौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी बेपानी 

शेयर करें:

Sirmaur Water Problem

पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पारंपरिक जलस्रोतों के सूखने से लोगों को मजबूरन खड्ड का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। शिलाई के नेडा गांव में 20 दिन के अंतराल से जितना पानी मिल रहा है, वह लोगों और जानवरों की प्यास बुझाने के लिए काफी नहीं है। जलशक्ति विभाग भी असहाय है, क्योंकि 60 फीसदी जलस्रोत सूख चुके हैं।

पूरा परिवार ढो रहा पानी

पानी के अभाव में नेडा गांव के 40 परिवार की महिलाओं को 2 किलोमीटर नीचे खड्ड से पानी ढोकर लाना पड़ता है। तकरीबन पूरा परिवार ही दिनभर इसी काम में लगा रहता है। बाद में इस पानी को उबालकर छानने में ही उनका पूरा दिन बीत जाता है। लोगों ने जलशक्ति विभाग को कई बार पानी सप्लाई के लिए आवेदन दिया, लेकिन जलस्रोतों के रिचार्ज न होने के कारण पंप हाउस भी काम नहीं कर पा रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें : अब तो हद हो गई : शिमला में बिहारी मजदूर पर 16 साल की लड़की ने लगाया आरोप

लाहौल के 40% गांव बेहाल

यही हाल लाहौल-स्पीति जिले का भी है, जहां लगभग 40% गांव गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ​हमीरपुर जिले में 25 गांवों में पीने का पानी नहीं है, क्योंकि कुणाह नाले में सीवेज मिलने के कारण 6 पेयजल योजनाएं बंद करनी पड़ी हैं। ​मंडी और कुल्लू जिलों में झरनों के सूखने के कारण कई गांवों में पानी की भारी कमी है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: स्कूल से नहीं लौटी 17 वर्षीय बेटी, थाने पहुंचे पिता ने कहा- युवक अगवा कर ले गया

 

एक सर्वेक्षण के अनुसार, कुल्लू जिले के 95% किसानों ने सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न होने की सूचना दी है। ​हिमाचल प्रदेश में लगभग 10,512 पारंपरिक जल स्रोत हैं, जिनमें से केवल 30.41% ही ठीक से रिचार्ज हो रहे हैं, जबकि 69.59% स्रोत निकट भविष्य में सूखने की स्थिति में हैं।

 

यह भी पढ़ें : बेटे की शादी पर नाच रहा था पिता- अचानक हार्ट अटैक से छिनी सांसें, खुशियां मातम में बदलीं

पुरानी परियोजनाओं को बदलने का पैसा नहीं

हिमाचल प्रदेश में पिछले साल कमजोर मॉनसून और दिसंबर से लेकर मार्च तक पहाड़ों में बर्फबारी कम होने से इस साल सूखे की स्थिति बनी है। इस स्थिति को और बिगाड़ने में हिमाचल प्रदेश के ऊंचे, पहाड़ी गांवों की पुरानी जलवितरण योजनाओं का भी अहम योगदान है। पुरानी पाइप लाइनें और जलस्रोतों की रिचार्जिंग न होने के कारण गर्मियों में वे लगातार सूख रही हैं। राज्य सरकार के जलशक्ति विभाग के पास फंड का अभाव है, जिससे पुरानी परियोजनाओं को सुधारने में भी दिक्कत आ रही है।

 

पेज पर वापस जाने के लिए यहां क्लिक करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख