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December 7, 2025
हिमाचल में अब 'स्मार्ट और साइलेंट' सफर! नए साल पर HRTC को मिलेंगी हाई-टेक ई-बसें
HRTC के बेड़े में शामिल होंगी हाई-टेक इलेक्ट्रिक बसें
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धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के लिए नए साल पर सरकार की तरफ से तोहफा इंतजार कर रहा है। प्रदेश वासियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) अब डीजल के धुएं और शोर से आजादी पाने की तैयारी कर चुका है। निगम अपने बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 507.87 करोड़ रुपए की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसें ला रहा है। जो यात्रियों को शांत, आरामदायक सफर का अनुभव देंगी। इस बड़े बदलाव के बाद हिमाचल की वादियों में सफर न सिर्फ आरामदायक होगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित होगा।
ये बसें साधारण इलेक्ट्रिक बसें नहीं हैं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन बसों में सुपरफास्ट चार्जिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यह बसे मात्र 30 मिनट में फुल चार्ज हो जाएंगी। एक बार चार्ज होने पर बस करीब 200 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। एक बस की कीमत लगभग 1.71 करोड़ रुपए है। यह सफर पूरी तरह शोर-रहित और प्रदूषण मुक्त होगा।
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पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक वाहन चलाना एक चुनौती है, लेकिन HRTC ने इसकी भी पूरी तैयारी कर ली है। निगम 31 नए चार्जिंग स्टेशन बना रहा है। पूरे प्रदेश में नाबार्ड की मदद से कुल 80 चार्जिंग स्टेशन बनाने का प्लान है। ये स्टेशन रणनीतिक जगहों पर बनाए जा रहे हैं ताकि बसें बिना रुके अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।
शुरुआत में 50 से 100 बसें प्रमुख रूट्स पर चलाई जाएंगी। हिमाचल के परिवहन इतिहास का सबसे बड़ा 'ईवी अपग्रेड' बताया है। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी और परिचालन लागत भी घटेगी। साथ ही, छोटे रूट्स के लिए 9 मीटर की बसें और इंटरसिटी बसों का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। कुल मिलाकर, हिमाचल अब 'ग्रीन एनर्जी स्टेट' बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
HRTC के वाइस चेयरमैन अजय वर्मा के अनुसार, इन बसों की डिलीवरी दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 के बीच शुरू हो जाएगी। बस कुछ ही हफ्तों में बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। हैदराबाद की कंपनी 'ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड' को इन बसों की सप्लाई और 12 साल तक देखरेख (मेंटेनेंस) का जिम्मा सौंपा गया है। ट्रायल के लिए 4 बसें पहले ही हिमाचल पहुंच चुकी हैं। भविष्य में निगम का लक्ष्य इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को दोगुना करने का है।