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August 12, 2025
हिमाचल सरकार लेगी 5 हजार करोड़ कर्ज ! सीएम सुक्खू के सपने 'पर्यटन राजधानी' को करेंगे साकार
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार को कर्ज लेगी सरकार, तैयार हो रहा खाका
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शिमला। आर्थिक संकट और कर्ज के भारी बोझ तले दबे हिमाचल प्रदेश पर अब एक और कर्ज चढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी बनाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए गगल हवाई अड्डे के विस्तार पर दांव लगाने जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड हुडको से मोटा कर्ज लेने की तैयारी में है। लगभग पांच हजार करोड़ कर्ज लेने की तैयारी है। सचिवालय में ऋण का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सरकार की योजना है कि गगल हवाई अड्डे की हवाई पट्टी को इतना लंबा किया जाए कि यहां 80 से 100 सीटर विमान आराम से उतर और उड़ान भर सकें। फिलहाल यहां 40 सीटर विमान ही संचालित हो पाते हैं। इस विस्तार को सरकार केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मान रही है, खासकर धर्मशाला के मैक्लोडगंज में निर्वासित तिब्बती सरकार की उपस्थिति को देखते हुए।
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विस्तार परियोजना के लिए सबसे पहले जमीन अधिग्रहण जरूरी है, जिसका खर्च नियमानुसार राज्य सरकार को वहन करना है। मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव था, जिसमें से 1,000 करोड़ केवल भू.अधिग्रहण के लिए रखे गए थे। लेकिन अपरिहार्य कारणों से यह प्रक्रिया तय समय पर पूरी नहीं हो पाई। अब सरकार ऋण लेकर जमीन अधिग्रहण और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
मुख्यमंत्री सुक्खू 2023 से लगातार इस परियोजना पर जोर दे रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से भी प्रदेश के तीनों एयरपोर्ट गगल, शिमला और भुंतर की हवाई पट्टियों को लंबा करने की मांग कर चुके हैं। उनका मानना है कि इससे बड़े विमान उतर पाएंगे, जिससे पर्यटकों की आमद में बड़ा उछाल आएगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
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हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि पहले से कर्ज में डूबा हिमाचल क्या इस नए वित्तीय बोझ को संभाल पाएगा। प्रदेश का कर्ज पहले ही बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है और अब गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए नया कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिति पर और दबाव डालेगा। बावजूद इसके सरकार का मानना है कि यह निवेश भविष्य में पर्यटन और राजस्व वृद्धि के रूप में राज्य को बड़ा फायदा पहुंचाएगा।
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अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले वर्षों में कांगड़ा का गगल हवाई अड्डा न केवल हिमाचल की पर्यटन राजधानी का प्रवेश द्वार बनेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगा।