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September 12, 2025
सुक्खू सरकार का बड़ा कदम : स्टूडेंट्स ने नशा किया या नहीं, महज एक मिनट में चलेगा पता, जानें कैसे
सभी कॉलेज प्राचार्यों को जारी किए गए पत्र
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शिमला। चारों ओर से नशे के चंगुल में फंसते हिमाचल प्रदेश के युवाओं पर नकेल कसने व नशा मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिसके लिए सरकार प्रदेश ने कॉलेज परिसरों में जल्द ही यूरिन-आधारित ड्रग डिटेक्शन किट का इस्तेमाल शुरू करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह पहल एडीजीपी सीआईडी के सुझाव पर शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही है। उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर पीटीए बैठकों में इस विषय पर अभिभावकों से चर्चा करने के निर्देश दिए हैं।
इस नई व्यवस्था से छात्रों पर लंबे समय तक चलने वाली मेडिकल जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि महज एक मिनट में ही यह साफ हो जाएगा कि छात्र ने नशा किया है या नहीं।
यह किट तकनीक में बिल्कुल सरल है और प्रेगनेंसी टेस्टिंग किट की तरह काम करती है। इसमें छह अलग-अलग खाने बने होते हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के नशे की जांच की जाती है।
इससे न केवल यह पता चलता है कि छात्र नशे के सेवन में है या नहीं, बल्कि शुरुआती चरण में ही पहचान कर उपचार और काउंसलिंग के जरिए उसे नशे से बाहर निकालने का अवसर भी मिल सकता है। परिवार भी इसे प्रयोग कर सकते हैं। प्रदेश के दो जिलों बिलासपुर और हमीरपुर में पहले ही इस किट का इस्तेमाल किया जा चुका है। वहां यह काफी कारगर साबित हुई थी।
नशे के खिलाफ हिमाचल सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। केवल चिट्टे के मामलों में ही पिछले दो वर्षों (31 जुलाई 2025 तक) में 3507 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से ज्यादातर आरोपी युवा हैं। इसके अलावा, 1 अगस्त 2023 से 31 जुलाई 2025 के बीच 50 आरोपियों की संपत्ति भी सीज की गई है।