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August 21, 2025
माननियों के बिजली बिल पर सियासी घमासान, RS बाली ने उठाया मुद्दा; जानें क्या बोले सीएम सुक्खू
सीएम आवास का 3.76 लाख तो आरएस बाली का आया 6.78 लाख बिल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बिजली के बिलों ने हलचल मचा दी है। माननियों के सरकारी आवासों के बिजली बिल विधानसभा से लेकर मीडिया तक चर्चा का केंद्र बने हैं। मुख्यमंत्री, मंत्री और कैबिनेट रैंक नेताओं के लाखों के बिजली बिल पर आज विधानसभा में मामला गरमाया। विधानसभा में यह मामला तब तूल पकड़ गया जब कांग्रेस विधायक और एचपीटीडीसी के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली ने अपने सरकारी आवास के बिजली बिल में भारी गड़बड़ी का मुद्दा सदन में जोरशोर से उठाया।
शून्यकाल के दौरान आरएस बाली ने सदन को जानकारी दी कि उनके सरकारी आवास का बिजली बिल गलत तरीके से 6ण्78 लाख रुपए दर्शाया गया है, जबकि वास्तविक बिल महज 1ण्68 लाख है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गलत सूचना से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी माना कि उनके सरकारी आवास ओक ओवर का बिजली बिल गलत दर्शाया गया है। बिल में 3.76 लाख रुपए की राशि दिखाई गई, जबकि वास्तविक बिल केवल 1.43 लाख रुपए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलती लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के स्तर पर हुई है और इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी इस विषय पर कड़ा संज्ञान लिया और कहा कि विधायक द्वारा उठाया गया विषय बेहद गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि न सिर्फ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, बल्कि विधानसभा रिकॉर्ड को भी अपडेट किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों।
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जानकारी के अनुसार केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि अन्य मंत्रियों और कैबिनेट रैंक नेताओं के बिजली बिल भी लाखों में पहुंच गए हैं। विधानसभा में भाजपा विधायकों सुधीर शर्मा और केवल सिंह पठानिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में खुलासा हुआ कि बीते 14 महीनों में मंत्रियों के कुल बिजली बिल करीब 17 लाख 95 हजार रुपए तक पहुंचे हैं।
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आरएस बाली ने कहा कि वह निजी रूप से सरकार को हर साल 1.75 करोड़ रुपए का भुगतान करते हैं, जो उनके पर्यटन विभाग से जुड़े व्यवसायों से संबंधित है। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की 170 स्ट्रीट लाइट्स का बिजली बिल भी निजी तौर पर अदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में वह अपने सरकारी आवास का बिजली बिल खुद भरेंगे।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अब इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए स्मार्ट और प्री.पेड मीटर लगाने की दिशा में काम करेगी, ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक और पारदर्शी बिल मिल सकें।