#राजनीति
August 21, 2025
सत्ती का तंज: CM ने पत्नी को लगवा ली पेंशन, सुक्खू बोले- BJP के कारण लगी कमलेश को सैलरी
सत्ती का आरोप पत्नी को पेंशन लगवा ली, बाकी महिलाओं को कब मिलेंगे 1500 रुपए
शेयर करें:
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में राजनीतिक गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। रोजगार, महिला पेंशन, सरकारी खातों की निष्क्रियता और एफडी से ब्याज की कमाई जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच आरोप.प्रत्यारोप और तंजों का सिलसिला जारी रहा, जिससे सदन का माहौल पूरी तरह सियासी रंग में रंग गया।
सदन में रोजगार के मुद्दे पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने मुख्यमंत्री पर महिला पेंशन योजना को लेकर तंज कसते हुए सवाल किया कि सरकार ने महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन देने की बात की थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने तो अपनी धर्मपत्नी को पेंशन दिलवा दी, बाकी महिलाओं का क्या। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने तुरंत जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें पेंशन नहीं, सैलरी मिली है और यह भाजपा की मेहरबानी से संभव हुआ है। अगर भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे करवा कर सरकार गिराने की कोशिश न की होती, तो यह सैलरी भी नहीं लगती।
यह भी पढ़ें : कर्मचारियों के लंबित DA पर तपा सदन, सीएम सुक्खू ने बताया कब जारी करेंगे किश्त; आप भी जान लें
मुख्यमंत्री ने देहरा सीट के उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भाजपा की चालबाजियों के कारण निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और हार गए। अब कमलेश ठाकुर वहां से कांग्रेस की विधायक बनी हैं।
विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों के कई बैंक खाते वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैंए जिनमें बड़ी राशि जमा है लेकिन उपयोग नहीं हो रही। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिए कि इन खातों को जल्द सक्रिय करेंए ताकि इस धनराशि का उपयोग जनकल्याण और विकास कार्यों में किया जा सके।
यह भी पढ़ें : विधानसभा मानसून सत्र : चौथे दिन विपक्ष ने फिर किया हंगामा, नारेबाजी करते निकले सदन से बाहर
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार को इन निष्क्रिय खातों की एफडी से अब तक 500 करोड़ रुपये का ब्याज प्राप्त हुआ है। इस पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या इन एफडी की राशि का उपयोग संबंधित विभागों में ही किया जाएगा? जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग ट्रेजरी के अधीन हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को बजट जारी किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री न तो आंकड़े स्पष्ट कर पा रहे हैं और न ही अपनी बात समझा पा रहे हैं। अब वे सदन को कन्फ्यूज करने की कोशिश कर रहे हैं। बाहर कुछ और बोलते हैं और सदन में कुछ और। सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जयराम ठाकुर ने यह भी जानना चाहा कि जिन पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, उनमें से कितने पद पिछली भाजपा सरकार के समय विज्ञापित हुए थे।
यह भी पढ़ें : सदन में बोले CM : युवाओं को गुमराह करती रही BJP, वाकआउट को लेकर भी विपक्ष पर बरसे
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पूरी तरह से राजनीतिक बहस और आरोप.प्रत्यारोप की भेंट चढ़ता दिख रहा है। विपक्ष सरकार की वादाखिलाफी, आंकड़ों में भ्रामकता और रोजगार के मुद्दे पर लगातार हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगा रहा है। सत्र के आगे और कितने सियासी तूफान देखने को मिलेंगे, यह देखना बाकी है।