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January 22, 2026

विक्रमादित्य पर मेहरबान मोदी सरकार : सिफारिश पर हिमाचल को मिले करोड़ों रुपए, बनेंगी 294 सड़कें

गांवों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने पर फोकस

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शिमला। हिमाचल में गांवों की सबसे बड़ी लड़ाई आज भी सड़क से जुड़ी है। एंबुलेंस हो या स्कूल, सेब हो या सब्ज़ी, रोज़गार हो या शिक्षा, हर रास्ता सड़क से होकर ही गुजरता है। ऐसे में केंद्र सरकार की एक मंजूरी ने पहाड़ के हजारों गांवों के लिए विकास का दरवाजा खोल दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल को सैकड़ों नई सड़कों की सौगात मिली है, जो आने वाले वर्षों में राज्य का नक्शा बदल सकती हैं।

हिमाचल के लिए 294 सड़कें मंजूर

केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (बैच-1) के तहत प्रदेश में 294 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1,538.058 किलोमीटर होगी और इन पर कुल 2,247.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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इनमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय वहन करेगा, जबकि 227.54 करोड़ रुपये राज्य सरकार का अंश होगा। प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये तय की गई है।

 

शिमला, चंबा और कुल्लू को सबसे ज्यादा सड़कें

जिला-वाइज मंजूर परियोजनाओं में शिमला को 97 सड़कें, चंबा और कुल्लू को 65-65 सड़कें, मंडी को 23, कांगड़ा को 12, सिरमौर को 11, किन्नौर को 8, बिलासपुर को 4 और सोलन को 3 सड़कें मिली हैं। हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और ऊना को दो-दो सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है। सरकार ने इस चरण में जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जहां सड़क संपर्क आज भी लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बना हुआ है।

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ग्रामीणों को राहत मिली

इन सभी परियोजनाओं की समीक्षा 4 नवंबर 2025 को सशक्त समिति की बैठक में की गई थी। समिति की सिफारिशों और राज्य सरकार की अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी दी।

दुर्गम इलाकों तक पहुंचना आसान

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इन सड़कों से ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में आवागमन आसान होगा, जरूरी सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

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मंडी संसदीय क्षेत्र को भी बड़ी सौगात

इसी योजना के तहत मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए 1,240.53 करोड़ रुपये की 142 परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। इसके माध्यम से 846.32 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा।

 

कई दूरदराज के क्षेत्र शामिल

इन परियोजनाओं में चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला जिलों के दूरदराज क्षेत्र शामिल हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में सांसद कंगना रणौत को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है।

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गांवों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने पर फोकस

स्वीकृत सड़कों का उद्देश्य गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना और कई पुराने मार्गों को ऑल वेदर रोड में तब्दील करना है। सांसद कंगना रणौत ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता मंडी संसदीय क्षेत्र के पुनर्निर्माण और विकास को नई गति देगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कहा कि ये परियोजनाएं हिमाचल की ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करेंगी और लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाएंगी।

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