#विविध
January 22, 2026
हिमाचल में कल से बारिश-बर्फबारी शुरू : अलर्ट पर 9 जिले, आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बादल
आसमानी बिजली गिरने की है आशंका
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम पर अब विराम लगने के संकेत मिल रहे हैं। आज गुरुवार से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शिमला, सोलन और सिरमौर को छोड़कर बाकी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं, आंधी और तूफान चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और अधिक सक्रिय हो जाएगा, जिसका असर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में साफ तौर पर नजर आएगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए शुक्रवार यानी कल के लिए प्रदेश के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू जिले की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात का पूर्वानुमान है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।
वहीं, ऊना, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ओलावृष्टि से फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की संभावना है।खासतौर पर सेब, सब्जी और नकदी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।
वहीं, हमीरपुर जिले में कोल्ड वेव यानी शीत लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि कई शहरों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
IMD के अनुसार, 24 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ जाएगा। इस दिन प्रदेश के अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में ही हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। 25 जनवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी, क्योंकि 26 जनवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से 26 और 27 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।
मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान प्रदेश के बागवानों और किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। हिमाचल में इस सर्दी के मौसम के दौरान अब तक बारिश और बर्फबारी बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे खेती-बागवानी पर नकारात्मक असर पड़ा है।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में सामान्य से 96 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई, दिसंबर में यह आंकड़ा 99 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि जनवरी में अब तक सामान्य से 94 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
लगातार सूखे हालात के कारण मिट्टी में नमी की भारी कमी हो गई है और सेब सहित कई फसलों की आगामी पैदावार को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब मौसम के बदलते मिजाज और संभावित बारिश-बर्फबारी से ड्राइ स्पेल टूटने की उम्मीद जगी है। अगर आने वाले दिनों में पूर्वानुमान के मुताबिक अच्छी वर्षा होती है, तो यह जलस्तर, खेती और बागवानी तीनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।