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March 28, 2025
जलशक्ति के एक्सईएन का कमाल: करीबियों को बांटे टेंडर, जांच में जुटी हिमाचल सरकार
विधानसभा में गूंजा मामला, डिप्टी सीएम बोले- अब खरीद केंद्रीकृत होगी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जलशक्ति विभाग के एक एक्सईएन ने 1332 टेंडरों में से केवल 10 टेंडर ही ऑनलइन मंगवाए। बाकी सारे टेंडर ऑफलाइन ही जारी हुए। शुक्रवार को राज्य विधानसभा में जब इस गड़बड़झाले का मामला उठा तो डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने एक्सईएन स्तर पर खरीद की व्यवस्था को ही बंद करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा और शाहपुर मंडल के आरोपी एक्सईएन के खिलाफ जांच जारी है और सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी।
बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में यह मामला ध्यानाकर्षण के जरिए शाहपुर से विधायक पवन काजल ने उठाया था। जवाब में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग के कांगड़ा और शाहपुर मंडल का एक्सईएन एक ही होने के कारण परेशानियां आ रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का शाहपुर में एक अलग मंडल खोला जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग में पानी की पाइपों समेत कई सामान बाहर से खरीदा जाता है। अब यह काम एक्सईएन के माध्यम से नहीं होगा। खरीद की केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि आरोपी एक्सईएन के खिलाफ अभी तक की जांच में यह पता चला है कि उनका जहां भी, जिस मंडल में ट्रांसफर होता है, वहीं उनके करीबी ठेकेदार भी पहुंच जाते हैं। अब सरकार ने उनके मामले की जांच चीफ इंजीनियर को सौंपी है। दोषी पाए जाने पर सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी।
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पवन काजल ने विधानसभा में कहा कि जलशक्ति विभाग में जबर्दस्त घोटालेबाजी चल रही है। स्कीमें तो बनी हैं, लेकिन लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। विभाग की ओर से एक आशा वर्कर के पति को लाखों के टेंडर बांट दिए गए।