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June 3, 2025

हिमाचल के अस्पतालों में अब मिलेगा कैशलेस ट्रीटमेंट, मरीजों को एक रुपया भी नहीं करना पड़ेगा खर्च

अस्पतालों में मिलेगा लाखों का मुफ्त इलाज

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Cashless Treatmen Scheme 2025

शिमला। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, जिनमें कई बार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है या गंभीर रूप से घायल होना पड़ता है। ऐसी विकट परिस्थितियों में घायलों के तत्काल और गुणवत्तापूर्ण इलाज की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

हिमाचल में शुरू हुआ कैशलेस ट्रीटमेंट

इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत सड़क हादसों में घायल होने वाले व्यक्तियों को अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान किया जाएगा।

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मिलेगा बिलकुल निशुल्क इलाज

इस योजना के तहत, हादसे की तारीख से लेकर अधिकतम सात दिनों तक पीड़ितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके लिए राज्य में अस्पतालों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूचीबद्ध अस्पतालों में पीड़ित का इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा, यानी मरीज के परिवार को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

जल्द लिया जाएगा फैसला

इस योजना को हिमाचल में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए 11 जून को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें हिमाचल प्रदेश की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम भाग लेंगे। बैठक के दौरान प्रदेश की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और योजना के क्रियान्वयन की रणनीति पर मंथन होगा।

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किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले ही चंडीगढ़ और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। अब हिमाचल प्रदेश भी इस सुविधा से लाभान्वित होने जा रहा है, जिससे सड़कों पर होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं के पीड़ितों को राहत मिलेगी।

योजना का संचालन और कानूनी आधार

यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम 2025 का हिस्सा है, जिसे 5 मई 2025 से देशभर में लागू कर दिया गया है। यह योजना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के अंतर्गत अधिसूचित की गई है और इसका क्रियान्वयन NHA द्वारा किया जा रहा है। योजना के संचालन में स्थानीय पुलिस, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े पैनलबद्ध अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

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कम होगी मरने वालों का संख्या

इस नई पहल से हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत मिलेगी और इलाज में देरी के कारण होने वाली मौतों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। यह योजना न केवल घायलों के जीवन को बचाने में सहायक होगी, बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण से समाज में सुरक्षा का भाव भी मजबूत करेगी।

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