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August 28, 2025
हिमाचल में अगले चार दिन खराब रहेगा मौसम, इन जिलों में होगी भारी बारिश; अलर्ट मोड़ पर प्रशासन
हिमाचल में 20 सितंबर तक होती रहेगी रूक रूक कर बारिश
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शिमला। हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त.व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत की कोई उम्मीद नहीं जताई है। 3 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कल यानी 29 अगस्त को प्रदेश के ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा 30 अगस्त को भी इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 31 अगस्त को प्रदेश के 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। लाहौल.स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 1 सितंबर को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भी भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि 20 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर रुक.रुक कर जारी रहेगा। इस दौरान राज्य के ऊपरी, मध्यवर्ती और मैदानी इलाकों में अत्यधिक बारिश की आशंका है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
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बारिश के चलते राज्य में भारी तबाही मची है। सैकड़ों सड़कें, बिजली के ट्रांसफॉर्मर और जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। गुरुवार सुबह तक प्रदेश में 535 सड़कें बंद रहीं, जबकि 1ए184 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 503 जल योजनाएं काम नहीं कर रही थीं। सबसे बड़ा झटका चंडीगढ़.मनाली नेशनल हाईवे को लगा है, जहां पंडोह डैम के पास कैंची मोड़ पर हाईवे का एक बड़ा हिस्सा बारिश के चलते पूरी तरह ध्वस्त हो गया। यहां अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इस मार्ग की जल्द बहाली की कोई संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी ठप हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी बाधाएं आ रही हैं।
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बारिश के कारण चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 1,200 श्रद्धालु फंस गए हैं। इनमें गौरीकुंड में 100, धन्छो में 500 और भरमौर के चौरासी मंदिर में 600 यात्री शामिल हैं। राज्य सरकार ने हेलिकॉप्टर की मदद से इन यात्रियों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। कुछ यात्रियों को पहले ही रेस्क्यू कर लिया गया हैए जबकि अन्य को निकालने का कार्य जारी है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के लिए राहत पैकेज भी तैयार कर रही है। जिन लोगों के घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैंए उन्हें राहत दी जाएगी। साथ ही किरायेदारों को भी सहायता प्रदान की जाएगी।
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विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में आई आपदा का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। सभी दलों की सहमति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि हिमाचल में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है। सरकार हर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और राहत कार्य लगातार जारी हैं। प्रभावितों को सुरक्षित निकालना और उन्हें जरूरी सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है।
बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर कृषि और बागवानी पर पड़ा है। सेब, सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान और बागवान अपनी सालभर की मेहनत को बर्बाद होते हुए देख रहे हैं। यह आपदा ना केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगीए बल्कि हजारों परिवारों की रोज़ी.रोटी भी छीन सकती है।