#यूटिलिटी
March 15, 2025
HRTC ड्राइवर-कंडक्टरों के खाते में आए 10 करोड़, अब प्रमोशन और नियमित करने की बारी
15 अप्रैल से पहले पूरा हो जाएगा नियमितीकरण
शेयर करें:

शिमला। नाइट ओवरटाइम का बकाया मांग रहे HRTC के ड्राइवर-कंडक्टरों से किया अपना वादा पूरा करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने शनिवार को 10 करोड़ रुपए की बकाया रकम का भी भुगतान कर दिया। शिमला समेत सभी डिपुओं में ड्राइवर व कंडक्टरों को यह पैसा रिलीज कर दिया गया है। अब बारी इन कर्मियों के प्रमोशन और नियमितीकरण की है, जिसकी फाइल HRTC के एमडी को भेज दी गई है।
सुक्खू सरकार से मिला अनुदान
खाते में डाले गए 10 करोड़ रुपए असल में सुक्खू सरकार का वह अनुदान है, जो लंबे समय से पेंडिंग था। इससे पहले 5 मार्च को निगम प्रबंधन ने कर्मचारियों के खाते में 5 करोड़ रुपए डाले थे। हालांकि, तब निगम कर्मियों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई थी कि यह उनकी मांग के आगे कुछ भी नहीं है। इसके बाद ड्राइवर व कंडक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी थी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: अस्पताल से बंबर ठाकुर का पहला बयान, 'नड्डा परिवार' और भाजपा पर लगाए आरोप
मुकेश अग्रिहोत्री की बैठक के बाद रास्ता खुला
परिवहन मंत्री और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने बाद में सभी ड्राइवर-कंडक्टरों को अपने घर पर बुलाया और उनसे बातचीत करने के साथ 10 करोड़ की राशि जारी करने का ऐलान कर दिया। इस बैठक के बाद प्रोमोशनों व दूसरे मसलों को लेकर एमडी के साथ एक और बैठक हुई, जिसमें कई मुद्दों को हल करने का आश्वासन मिला। कर्मचारियों की पदोन्नति व नियमितिकरण की मांग भी प्रमुख थी। लंबे समय से चालक परिचालकों की पदोन्नतियां नहीं हो रही हैं। HRTC के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल ने आश्वस्त किया था और अब इस पर काम शुरू हो गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: बंबर ठाकुर मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया चालक, गाड़ी भी की जब्त
प्रमोशन की फाइल एमडी को भेजी
एमडी को इस संबंध में फाइल भेज दी गई है। इसमें कुछ परिचालक पदोन्नत होंगे, जिनको चीफ इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। इसके अलावा 31 मार्च को दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारी नियमित होंगे। निगम में अन्य श्रेणी के कर्मचारी पीस मील वर्कर व अन्य जो तय कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें भी नियमित किया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनको 15 अप्रैल से पहले नियमित कर दिया जाएगा। इसके अलावा चालकों को वरिष्ठ चालकों का दर्जा भी दिया जाएगा जिसके मामले भी आगे बढ़ गए हैं।