#अपराध
March 24, 2026
हिमाचल : नशा तस्कर पति-पत्नी गिरफ्तार, जेल में काटेंगे 3 महीने- युवाओं को सप्लाई करते थे चिट्टा
अलग-अलग थानों में दोनों के खिलाफ कई मामले दर्ज
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे का जहर लगातार समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। चिट्टा जैसे खतरनाक नशे ने युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है, वहीं अब इस काले कारोबार में महिलाएं और पूरे परिवार तक शामिल होने लगे हैं।
यह बदलता ट्रेंड न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहा है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है। इसी कड़ी में कांगड़ा पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
इसी कड़ी में कांगड़ा पुलिस ने पालमपुर और शाहपुर क्षेत्रों में सक्रिय एक ऐसे दंपति को गिरफ्तार किया है- जो कथित तौर पर ‘चिट्टा’ तस्करी का जाल फैलाए हुए थे। दोनों आरोपी पति-पत्नी को तीन महीने के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पुलिस टीम ने दोनों को PIT NDPS Act के तहत गिरफ्तार कर तीन महीने के लिए निवारक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों को जिला जेल धर्मशाला में निरुद्ध किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह दंपति पालमपुर और शाहपुर थाना क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था। दोनों के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े चार-चार आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। मूल रूप से पडेर गांव (बल्लह) के रहने वाले यह आरोपी हाल ही में विन्द्रावन इलाके में रह रहे थे और वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पहले भी इनके कब्जे से चरस बरामद की जा चुकी है। इसके बावजूद यह दंपति लगातार जमानत का फायदा उठाकर फिर से नशे के कारोबार में जुट जाता था।
खुफिया रिपोर्टों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जमानत पर बाहर आने के बाद भी दोनों की गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं आया। उल्टा, ये और ज्यादा सक्रिय होकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे थे। स्थानीय स्तर पर इनके नेटवर्क से कई युवा प्रभावित हुए, जिससे क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था पर खतरा मंडराने लगा था।
लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और कानून का मजाक उड़ाने जैसी हरकतों को देखते हुए पुलिस ने इसी साल 2 जनवरी को इनके खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया था।
सक्षम प्राधिकारी ने जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धारा 3(1) के तहत दोनों आरोपियों को तीन महीने की निवारक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए। इसके बाद 24 मार्च को पालमपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर धर्मशाला जिला जेल में बंद कर दिया।

विदित रहे कि, पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि आदतन नशा तस्करों के खिलाफ अब सख्ती और बढ़ाई जाएगी। खासतौर पर वे आरोपी जो बार-बार जमानत लेकर फिर से अपराध में शामिल हो जाते हैं, उनके लिए अब कानून के तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि नशे का कारोबार अब केवल बाहरी गिरोहों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर परिवार तक इसमें शामिल हो रहे हैं। यह स्थिति आने वाले समय के लिए बेहद चिंताजनक है।
जरूरत इस बात की है कि पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज भी जागरूक हो और युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं, ताकि हिमाचल को नशे के इस बढ़ते खतरे से बचाया जा सके।