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October 16, 2026
हिमाचल : त्योहारी सीजन में महंगाई की मार, राशन डिपुओं में बढ़े तेल-चीनी समेत कई चीजों के दाम
सरसों तेल के दाम में 12 रुपये तक उछाल
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शिमला। त्योहारी सीजन शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। राजधानी शिमला में सरसों तेल, चीनी, आटा, हल्दी और बादाम गिरी के दाम बढ़ गए हैं। वहीं, सरकारी राशन डिपुओं में मिलने वाली माश दाल भी महंगी हो गई है। दूसरी ओर, कुछ डिपुओं में उड़द की दाल और सरसों तेल की सप्लाई प्रभावित होने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
शिमला के थोक बाजार में सरसों तेल के दाम 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। थोक कारोबारी दीपक अग्रवाल के अनुसार, पी मार्क सरसों तेल का थोक भाव 198 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति किलो हो गया है।
अन्य ब्रांड के तेल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। खुदरा बाजार में सरसों तेल 220 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर बिक रहा है। हालांकि, रिफाइंड तेल के दाम फिलहाल स्थिर बताए जा रहे हैं।
चीनी के थोक भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसके बाद खुदरा बाजार में चीनी 72 से 75 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, सरकारी राशन डिपुओं में भी चीनी की कीमत बढ़ाई गई है। एपीएल टैक्सपेयर परिवारों को अब चीनी 52 रुपये प्रति किलो मिलेगी, जबकि पहले इसकी कीमत 48 रुपये प्रति किलो थी।
त्योहारी सीजन में चीनी की खपत बढ़ने के कारण इस बढ़ोतरी का असर परिवारों के बजट पर पड़ सकता है। दशहरा और दिवाली के दौरान मिठाइयां और कई तरह के पकवान बनाने में चीनी का इस्तेमाल अधिक होता है।
आटे के थोक भाव में भी एक से दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक श्रीधर के अनुसार, 50 किलो की पैकिंग वाले आटे के थोक भाव में करीब 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल करीब 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा आटा आने वाले दिनों में दो से तीन रुपये प्रति किलो तक महंगा हो सकता है।
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त्योहारी सीजन में इस्तेमाल होने वाली हल्दी के थोक भाव में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के मुताबिक, नई सप्लाई आने के बाद इसके दाम में और इजाफा हो सकता है।
वहीं, बादाम गिरी के थोक भाव 1,000 रुपये से बढ़कर 1,200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। खुदरा बाजार में बादाम गिरी करीब 1,300 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। कारोबारी संजीव ठाकुर के अनुसार, सप्लाई की स्थिति के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में बदलाव हो सकता है।
बाजार में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने के बीच सरकारी राशन डिपुओं में मिलने वाली माश दाल की कीमत भी बढ़ गई है। एपीएल परिवारों को अब माश दाल के लिए 97 रुपये प्रति किलो देने होंगे, जबकि पहले इसकी कीमत 94 रुपये थी।
BPL-APL के लिए माश दाल महंगी
BPL परिवारों के लिए माश दाल का भाव 89 रुपये से बढ़कर 92 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं, एपीएल टैक्स श्रेणी के परिवारों के लिए इसकी कीमत 114 रुपये से बढ़कर 118 रुपये प्रति किलो हो गई है।
त्योहारी सीजन में जहां बाजार में खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं कुछ जरूरी सामान की सरकारी सप्लाई भी प्रभावित हुई है। सरकारी गोदामों में उड़द की दाल और सरसों तेल का स्टॉक खत्म होने के कारण इनकी नियमित सप्लाई राशन डिपुओं तक नहीं पहुंच पा रही है।
इससे उन परिवारों की परेशानी बढ़ सकती है, जो सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर हैं। अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ताओं को इन सामानों की जरूरत पूरी करने के लिए बाजार से खरीदारी करनी पड़ सकती है, जहां उन्हें अधिक कीमत चुकानी होगी।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि राशन डिपुओं में पर्याप्त राशन उपलब्ध है और लोगों को उनकी मांग के अनुसार राशन मुहैया करवाया जा रहा है।
कुल मिलाकर, त्योहारी सीजन में एक तरफ बाजार में सरसों तेल, चीनी, आटा, हल्दी और बादाम गिरी जैसी जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। दूसरी ओर, सरकारी राशन डिपुओं में माश दाल महंगी होने और उड़द दाल व सरसों तेल की सप्लाई प्रभावित होने से उपभोक्ताओं के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में नई सप्लाई पहुंचने के बाद कीमतों और उपलब्धता में क्या बदलाव होता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।