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March 6, 2025
हिमाचल: संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण गिराने का काम फिर शुरू, बड़े आंदोलन की दी थी चेतावनी
संजौली मस्जिद की तीसरी मंजिल को गिराने का काम फिर हुआ शुरू
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में दो समुदायों को आमने सामने लाने वाला बहुचर्चित संजौली मस्जिद विवाद में नया अपडेट सामने आया है। फंड ना होने का हवाला देकर राजधानी शिमला के संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने का बंद पड़ा काम एक बार फिर शुरू हो गया है। इससे पहले काफी समय तक अवैध निर्माण तोड़ने का काम बंद पड़ा हुआ था। लेकिन अब इसे एक बार फिर शुरू कर दिया गया है। संजौली में स्थित मस्जिद को तोड़ने के मामले में 15 मार्च को नगर निगम आयुक्त कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।
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संजौली मस्जिद की अवैध मंजिल में अब छत को तोड़ने का काम चल रहा है। इस तोड़ फोड़ को मस्जिद कमेटी की तरफ से ही करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने का यह काम तीन दिन पहले चार मार्च को दोबारा शुरू किया गया है। चौथी मंजिल के पिलर व तीसरी मंजिल की दीवारें तोड़ने का काम पूरा होने के बाद अब चौथी मंजिल के लेंटर को तोड़ा जा रहा है।
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बता दें कि शिमला के संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर काफी प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान संजौली मस्जिद के ऊपर की तीन मंजिलों को दो महीने में गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी अभी तक यह अवैध निर्माण नहीं गिराया गया है। जिसको लेकर मस्जिद कमेटी बार बार फंड ना होने की बात कह कर काम को बंद कर दे रही है।
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दरअसल पिछले दिनों सिविल सोसाइटी संजौली ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें कोर्ट के फैसले पर अमल करने और अगले 15 दिन में अवैध निर्माण को गिराने का अल्टीमेटम दिया था। सिविल सोसायटी ने दो-टूक कहा था कि अगर इस अवधि तक अवैध निर्माण नहीं गिराया गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बता दें कि शिमला के मतियाणा में युवकों की पिटाई के बाद संजौली मस्जिद विवाद सामने आया था। मतियाणा में हिंदू युवक की बेरहमी से पिटाई के बाद उसके आरोपी युवक संजौली मस्जिद में छिप गए थे। जिन्हें पुलिस ने मस्जिद से गिरफ्तार किया था। उसके बाद यह मामला काफी गरमा गया और हिंदू संगठनों ने संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण का मामला उठाया।
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जिसको लेकर लगातार प्रदर्शन किया और मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने की मांग उठाई। जिसके बाद पांच अक्टूबर को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद की तीन मंजिलें तोड़ने को स्वीकृति प्रदान की थी। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को अपने खर्चे पर अवैध हिस्से तो तोड़ने के आदेश दिए थे।
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देवभूमि संघर्ष समिति ने दावा किया था कि जिस जमीन पर मस्जिद बनाई गई है। राजस्व रिकार्ड में वह जमीन वक्फ बोर्ड की नहीं बल्कि प्रदेश सरकार की है। मस्जिद के भवन निर्माण बारे संजौली मस्जिद कमेटी ने नक्शा भी जमा नहीं करवाया है। हालांकि कमेटी का दावा है कि ये जमीन बोर्ड की है। समिति का दावा है कि 2010 में जो नक्शा संजौली मस्जिद कमेटी ने जमा करवाया था वह तत्कालीन आयुक्त ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कोई भी नक्शा जमा नहीं किया गया है।