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March 6, 2025

हिमाचल: अगले माह BPL सूची से बाहर होंगे गरीबों का हक छीनने वाले, जानें नए मापदंड

हिमाचल में BPL सूची की समीक्षा, पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL में आने वाले परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने दो साल बाद BPL सूची की समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिससे पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और अपात्र परिवारों को सूची से बाहर किया जाएगा।

BPL सूची में बदलाव के लिए नए मापदंड लागू

प्रदेश सरकार ने BPL सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए नए मापदंड तय किए हैं। अभी तक इस सूची में शामिल होने के लिए वार्षिक आय सीमा 30,000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि, इस सूची में केवल उन्हीं परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनके पास चार पहिया वाहन, शहरी क्षेत्र में पक्का मकान या परिवार के किसी सदस्य की सरकारी नौकरी नहीं होगी।

 

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अपात्र परिवार होंगे बाहर

हिमाचल प्रदेश में पिछले दो वर्षों से BPL सूची की समीक्षा नहीं हुई थी। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण पिछले साल ग्रामसभा की बैठकें नहीं हो सकीं, जिससे कई अपात्र परिवार अब भी इस सूची में बने हुए हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब अप्रैल महीने में यह समीक्षा होगी, जिससे सही मायनों में जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

BPL सूची में कौन होगा शामिल?

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, निम्नलिखित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर BPL सूची में जोड़ा जाएगा—
महिला मुखिया वाले परिवार
50% या उससे अधिक विकलांग मुखिया वाले परिवार
मनरेगा में पिछले वित्त वर्ष में 100 दिन से अधिक कार्य करने वाले परिवार
ऐसे परिवार जिनका कमाने वाला सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी या थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित है

 

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BPL सूची के लिए कितने परिवारों को मिलेगा स्थान?

केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए BPL सूची में अधिकतम 2,82,370 परिवारों को शामिल करने का कोटा निर्धारित किया है। वर्तमान में प्रदेश में 2,66,304 परिवार BPL श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब है कि 16,066 नए पात्र परिवारों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है।

BPL परिवारों को मिलने वाले लाभ

सरकार BPL परिवारों को कई तरह की सुविधाएं प्रदान करती है, जिनमें शामिल हैं—
✅ रियायती दरों पर खाद्यान्न (सरकारी डिपो से सस्ता राशन)
✅ अस्पतालों में निःशुल्क इलाज
✅ सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता
✅ बिजली कनेक्शन के लिए फ्री मीटर
✅ आवास योजना के तहत वित्तीय सहायता

नौकरी और वाहन वाले परिवार होंगे बाहर

चूंकि दो सालों से BPL सूची की समीक्षा नहीं हुई थी, इसलिए कई ऐसे परिवार अब भी इस सूची में शामिल हैं जो अब इस श्रेणी के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
🔹 कई परिवारों के सदस्य सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में लग गए हैं और अब अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
🔹 कुछ परिवारों ने चार पहिया वाहन खरीद लिए हैं।  
🔹 कुछ ने शहरी सुविधाओं से युक्त पक्के मकान बना लिए हैं।
ऐसे परिवारों को अब BPL सूची से हटाया जाएगा, जिससे वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके।

BPL सूची का सत्यापन कौन करेगा?

BPL सूची का सत्यापन अब ग्रामसभा के प्रस्ताव के बाद संबंधित क्षेत्र के बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) और SDM (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) द्वारा किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और गलत तरीके से सूची में शामिल परिवारों को हटाया जा सकेगा।

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पात्र परिवारों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

प्रदेश सरकार का यह कदम सामाजिक कल्याण योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और सही परिवारों तक लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है। इससे न केवल BPL सूची को अपडेट किया जाएगा, बल्कि ऐसे परिवारों को भी राहत मिलेगी जो अब तक अपात्र होने के कारण योजनाओं से वंचित थे।

बहरहाल, अप्रैल महीने में होने वाली BPL सूची की समीक्षा से हिमाचल प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिलेगा। आय सीमा बढ़ने से वास्तव में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जबकि अपात्र परिवारों को सूची से बाहर किया जाएगा। इससे प्रदेश की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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