#यूटिलिटी
September 20, 2025
हिमाचल में अब ऐसे ही नहीं बना सकेंगे सपनों का घर, सरकार ने तय कर दी नई शर्त; जानें क्या
TCP विभाग की तर्ज पर बनवाना होगा नक्शा
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में नया बदलाव होने जा रहा है। ये बदलाव प्रदेश में आई आपदा के चलते लिया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने के लिए इजाजत लगेगी। इसकी जानकारी नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने दी। इस फैसले के बाद गांवों में घर बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हालांकि ये व्यवस्था लोगों के हित में ही मानी जा रही है। आइए जानते हैं सरकार गांव में घर बनाने की शर्तों में क्या बदलाव करने जा रही है।
अब प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में घर बनाने के लिए भी परमिशन लेनी होगी। लोगों को मकान का नक्शा भी TCP विभाग की तर्ज पर बनवाना होगा। फिर इसे पंचायत की ओर से अप्रूव किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: हिमाचल के आपदा पीड़ितों को केंद्र की मोदी सरकर ने दी बड़ी राहत, की ये बड़ी घोषणा
जैसे ही सरकार ये व्यवस्था लागू करती है, वैसे ही बिना अनुमति के घर नहीं बनाया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने ये फैसला 3 सालों से आपदा में हो रहे नुकसान को देखते हुए लिया है।
मंत्री राजेश धर्माणी बोले कि ग्रामीण इलाकों में घर बनाने के लिए पंचायत को अधिकार दिए जा रहे हैं। एक सिंपल डायग्राम बनाकर पंचायत से घर बनाने की अनुमति ली जाएगी।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में चार युवकों के पास मिला लाखों के चिट्टा, पंजाब से सप्लाई लेकर आए थे दो यार
इस व्यवस्था का मकसद संयुक्त विकास है। हिमाचल में हर साल आपदा आ रही है। आपदा में नुकसान को कम करने के साथ ही संपत्तियों को बचाया जा सके इसलिए पंचायत की भागीदारी जरूरी है।
हालांकि बड़े भवन निर्माण के लिए अनुमति TCP ही देगा। अगर निर्माण कार्य 600 स्क्वॉयर मीटर से ऊपर है तो इसकी अनुमति TCP से ही लेनी होगी। पंचायतों को भी TCP के अधिकार दिए जा रहे हैं। 1000 स्क्वॉयर मीटर से ज्यादा प्लॉट की खरीद भी TCP के दायरे में आएगी।