#यूटिलिटी
June 3, 2025
हिमाचल के डिपुओं में अब अंगूठे से नहीं, OTP से मिलेगा राशन- जानें कैसे करेगा नया सिस्टम काम
पुरानी बायोमेट्रिक मशीनें हुईं अमान्य
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े करीब 19 लाख उपभोक्ताओं के लिए अब राशन लेने की प्रक्रिया बदलने जा रही है। अब तक डिपुओं में अंगूठे की बायोमेट्रिक पहचान से राशन दिया जाता था, लेकिन अब यह पहचान मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP से की जाएगी।
आधार प्रमाणीकरण मशीनें हो चुकी हैं आउटडेटेड
राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, राशन डिपो में इस्तेमाल हो रही एल-जीरो (L-0) श्रेणी की बायोमेट्रिक मशीनों की तकनीकी वैधता समाप्त हो चुकी है। UIDAI की नई गाइडलाइन के अनुसार अब केवल एल-वन (L-1) डिवाइस ही मान्य हैं। ऐसे में इन पुरानी मशीनों को हटाना अनिवार्य हो गया है।
OTP से राशन
बायोमेट्रिक सिस्टम में पिछले कुछ समय से दिक्कतें सामने आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं की अंगुलियों के निशान स्कैन नहीं हो पा रहे थे। इससे राशन लेने में बाधा आ रही थी। अब विभाग ने जब तक नई मशीनें नहीं आ जातीं, तब तक OTP आधारित सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है।
नई मशीनों के लिए जल्द होगा टेंडर
अगर केंद्र सरकार से मौजूदा डिवाइस की एक्सटेंशन नहीं मिलती, तो जल्द ही नई एल-वन मशीनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने केंद्र को पत्र भेजकर एक माह की वैधता बढ़ाने की अपील की है, ताकि इस अंतरिम व्यवस्था में समय मिल सके।
फर्जीवाड़े से बचाने वाली तकनीक को मिला ब्रेक
बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली को राशन वितरण में पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया गया था। लेकिन अब तकनीकी सीमाओं के कारण इसे अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। OTP के जरिये पहचान भी डिजिटल है, लेकिन इसमें मोबाइल नंबर पंजीकृत होना ज़रूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ सकती है परेशानी
OTP व्यवस्था शहरी उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन जिन ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिक्कत या मोबाइल पंजीकरण नहीं है, वहां यह व्यवस्था चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।