#हादसा
July 21, 2026
हिमाचल में बादल फटने से हाहाकार : बाढ़ में बहे कई मकान, लोगों की चीखों से दहला इलाका
लोगों को नहीं मिला संभलने का मौका, कई परिवार हुए बेघर
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब कई इलाकों के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। जिला कांगड़ा के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में आज बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ और भारी मलबे ने व्यापक तबाही मचाई।
स्पैडा और गढ़गून गांव इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए- जहां देखते ही देखते तेज बहाव अपने साथ छह मकानों को बहाकर ले गया। गनीमत यह रही कि ग्रामीण समय रहते घरों से बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले पहाड़ी क्षेत्र से तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद ऊंचाई वाले हिस्से से पानी, चट्टानों और मलबे का तेज सैलाब नीचे की ओर बढ़ा।
लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कुछ ही मिनटों में कई मकान उसकी चपेट में आ गए। गांव के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वो सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित टीमें तुरंत प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुईं। हालात की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा सके। प्रशासन प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन भी कर रहा है।
शाहपुर के SDM म डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह स्वयं अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने बताया कि रास्ते में डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे राहत दलों को आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि सहायता जल्द से जल्द प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा सके।
उन्होंने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को नदी, नाले या पहाड़ी ढलानों के आसपास जाने से बचना चाहिए, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने या भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

उधर, कांगड़ा जिले के ही जवाली क्षेत्र के न्यांगल गांव में भी बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यहां एक नाले का बहाव बदल जाने से करीब 15 मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। तेज बहाव के कारण ग्रामीणों की कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
खेतों में खड़ी फसल और उपजाऊ मिट्टी बह जाने से किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल पानी का बहाव कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीण अभी भी भय और असमंजस की स्थिति में हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय लोगों से मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है।