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August 22, 2025
हिमाचल में छह दिन बिगड़ेगा मौसम: कल से ऑरेंज अलर्ट पर हैं कई जिले; फ्लैश फ्लड की भी संभावना
मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक भारी बारिश की जारी की चेतावनी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून इस बार भीषण तबाही लेकर आया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिन यानी 28 अगस्त तक प्रदेश भर में मौसम खराब रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं कई जिला में फ्लैश फ्लड की भी चेतावनी दी गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोक्ष के चलते आ रहा है।
मौसम विभाग ने कल यानी 23 अगस्त से 27 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश और गरज.चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। प्रदेश के ऊना, मंडी, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर जैसे जिले इस बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर जिलों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 25 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में हालात और बिगड़ सकते हैं। 26 अगस्त को भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 27 अगस्त तक बारिश की तीव्रता बनी रहेगी।
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मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आज रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में बारिश और तेज हो सकती है। इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
भारी बारिश के चलते लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी.नालों के किनारे जाने से बचें और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। ऊना, सिरमौर और मंडी जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
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प्रदेश में 20 जून से 21 अगस्त के बीच मानसून ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 287 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 346 लोग घायल हुए हैं। 38 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें से 138 मौतें सड़कों पर हुए हादसों में हुई हैं, जबकि अन्य भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ के कारण।
650 घर पूरी तरह ढहे
2232 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
385 दुकानेंए 2597 गोशालाएं नष्ट
1806 पालतु पशुओं की मौत
कुल अनुमानित नुकसान: 2,28,226.86 लाख
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ऊना जिले के टकोली पंचायत के बेहला गांव में गुरुवार रात तेज बारिश के कारण एक गोशाला ढह गई। गोशाला मालिक रविंद्र सिंह की एक भैंस मलबे में दब गईए जिसे कड़ी मशक्कत के बाद जिंदा बाहर निकाला गया। वहीं, अंब उपमंडल के टकारला गांव के सरकारी स्कूल में जलभराव के कारण बच्चे पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। 181 छात्रों और 17 स्टाफ सदस्यों के लिए कोई भी प्रशासनिक सहायता अब तक नहीं पहुंची है।
शुक्रवार सुबह कुल्लू जिले के बंजार में बस अड्डे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर पहाड़ी से भारी मलबा गिरा। एक खोखा भी इसकी चपेट में आ गया। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की नाजुक स्थिति को दर्शाती है।