#अपराध
August 22, 2025
हिमाचल: फर्जी दस्तावेज लेकर MBBS काउंसलिंग में पहुंची युवती, ऐसे हुआ खुलासा
काउंसलिंग के दौरान फर्जीवाड़ा
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS में एमबीबीएस सत्र 2025 की पहली काउंसलिंग के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया में सामने आया कि एक महिला अभ्यर्थी ने प्रवेश पाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लिया था।
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि आरोपी युवती का नाम अंकिता भारती है, जो बिहार के लखीसराय जिले के वार्ड-28, नया बाजार स्थित कुशवाहा मार्कीट की रहने वाली है। वह खुद को वैध अभ्यर्थी बताकर काउंसलिंग में शामिल हुई थी। लेकिन जैसे ही उसके दस्तावेजों का मिलान चयन सूची से किया गया, पूरा मामला संदिग्ध लगने लगा।
काउंसलिंग समिति ने सबसे पहले मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा जारी चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट से नाम मिलाया। अंकिता का नाम सूची में न पाकर अधिकारियों ने उससे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे। जब उससे NEET-UG रैंक की पुष्टि के लिए लॉगिन आईडी और पासवर्ड देने को कहा गया, तो उसने बहाना बनाया कि पासवर्ड काम नहीं कर रहा है।
इसके बाद जब उसने स्कोरकार्ड प्रस्तुत किया तो वह बेहद धुंधला और अस्पष्ट था। इतना ही नहीं, उसने अपने मोबाइल से स्क्रीनशॉट भी दिखाए, जिनमें उसका पर्सेंटाइल 84 और अंक 590 लिखे हुए थे।
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शंका गहराने पर समिति ने स्वतंत्र रूप से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट से उसका स्कोरकार्ड निकाला। वहीं असलियत सामने आई, वास्तव में अंकिता ने परीक्षा में मात्र 30 अंक हासिल किए थे और उसकी ऑल इंडिया रैंक लगभग 20 लाख थी। यानी उसके पास किसी भी तरह से एमबीबीएस काउंसलिंग में शामिल होने का आधार ही नहीं था।
जैसे ही यह खुलासा हुआ, एम्स प्रशासन ने तुरंत पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचित किया। बिलासपुर के सदर थाना में आरोपी युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने मान लिया है कि उसने रैंक कार्ड और अलॉटमेंट लेटर में हेरफेर किया था।
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अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे केवल वही जिम्मेदार है या फिर इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। बहरहाल, एम्स प्रशासन ने युवती द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेज़ और जांच का पूरा रिकॉर्ड पुलिस के हवाले कर दिया है। अब पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी और अन्य सबूत जुटा रही है।