#यूटिलिटी
January 31, 2025
केंद्रीय बजट पर टिकी हिमाचल की नजरें, रेल- हवाई हड्डों के लिए बंधी उम्मीद
स्वास्थ्य, पर्यटन, बागवान भी लगाए बैठे हैं उम्मीद
शेयर करें:

शिमला। केंद्र की मोदी सरकार कल यानी पहली फरवरी को अपना बजट पेश करने वाली है। केंद्र के इस बजट से हिमाचल को भी काफी उम्मीदें हैं। हिमाचल सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए बजट की मांग रखी गई है। हिमाचल की कांग्रेस सरकार को केंद्रीय बजट में हिमाचल की रेल लाइनों को अतिरिक्त बजट मिलने की भी उम्मीद है। हिमाचल को उम्मीद है कि बद्दी-चंडीगढ़, बिलासपुर-भानुपल्ली और शिमला-कालका रेल लाइनों के लिए केंद्र अतिरिक्त बजट का प्रावधान कर सकता है।
हिमाचल सरकार ने भानुपल्ली रेललाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने के साथ साथ सड़क, हवाई और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए केंद्र से विशेष मदद मांगी है। ऐसे में प्रदेश को उम्मीद है कि केंद्र सरकार भानुपल्ली रेललाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करेगी। हिमाचल सरकार का कहना है कि भानुपल्ली.लेह रेललाइन चीन सीमा तक पहुंचेगी, इसलिए इसका खर्च केंद्र को उठाना चाहिए।
हिमाचल को कालका शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक के रेलवे स्टेशनों को स्तरोन्नत करने के लिए भी बजट प्रावधान की संभावना है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से एनएच के लिए पर्याप्त मदद और रोप.वे प्रोजेक्टों के लिए भी बजट की मांग उठाई है। वहीं प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए भी बजट मांगा गया है।
इसी तरह से हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी बजट प्रावधान की उम्मीद जताई है। हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है और यहां पर हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं। लेकिन हिमाचल में कोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है। हिमाचल प्रदेश के हवाई अड्डों के रनवे छोटे हैं, जिससे यहां बड़े जहाज नहीं उतर सकते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : अब नया टैक्स भरने के लिए हो जाएं तैयार, ग्रामीणों से भी होगी वसूली
वहीं केंद्रीय बजट से हिमाचल के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी काफी उम्मीदें हैं। इसका एक बड़ा कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल से संबंध रखते हैं। ऐसे में एम्स बिलासपुर और प्रदेश के छह अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए भी केंद्र से विशेष ग्रांट मिल सकती है।
केंद्रीय बजट से हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों को काफी उम्मीदें हैं। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में 5 हजार करोड़ से ज्यादा की सेब बागवानी से जुड़े बागवानों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा की प्री बजट की बैठक में पूर्व की तरह हिमाचल प्रदेश के किसानों बागवानों की मांगों को केंद्र के समक्ष रखा गया है। हरीश चौहान ने कहा कि कीटनाशको और खादों के अलावा सेब के पैकेजिंग और बागवानी उपकरणों पर जीएसटी में राहत की उम्मीद जताई है।