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August 27, 2026
CM सुक्खू का बड़ा ऐलान : सरकारी अस्पतालों में मिलेगा फ्री इलाज, दवाई के भी नहीं लगेंगे पैसे
सरकारी अस्पातलों में बंद नहीं होंगी कोई भी योजना
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने विधानसभा में स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा योजना बंद नहीं की जाएगी- बल्कि इनमें सामने आ रही कमियों को दूर कर व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को भी दूर किया जा रहा है। विधानसभा में नियम-130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर करीब तीन दिनों तक चली चर्चा का जवाब देते हुए शांडिल ने यह बात कही।
इस दौरान पक्ष और विपक्ष के कुल 30 सदस्यों ने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। मंत्री के जवाब के बाद सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के सदस्यों ने भी मेज थपथपाकर उनके उत्तर की सराहना की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी शांडिल के धैर्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने तीन दिनों तक सभी सदस्यों की बातें सुनीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए अस्पतालों में नए भवन, आधुनिक मशीनरी और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में कुल 6,365 स्वीकृत पदों में से 4,661 पद भरे जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के 1,938 स्वीकृत पदों में 1,266 पद भरे हुए हैं, जबकि 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
इसी तरह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM में 6,088 स्वीकृत पदों में से 4,115 कर्मचारी कार्यरत हैं। आप्थेल्मिक ऑफिसर, ओटीए के 158 और फिजियोथेरेपिस्ट के छह पदों को भरने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
शांडिल ने माना कि प्रदेश के कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों और दवाओं की कमी हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी कमियों को दूर किया जाएगा। सरकार करीब 121 स्वास्थ्य संस्थानों को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के तौर पर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है और सितंबर में आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों की एक और सूची जारी की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश में आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। HPMSCL के माध्यम से करीब 10.71 करोड़ रुपये की लागत से 37 एक्स-रे और 24 अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
इसके अलावा 34 स्वास्थ्य संस्थानों में PPP मोड पर CT स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। नेरचौक, हमीरपुर और टांडा में कैथ लैब स्थापित करने का काम चल रहा है, जबकि चमियाणा और टांडा में डीएसए सिस्टम की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। IGMC, टांडा, हमीरपुर और मंडी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
डायलिसिस सेवाओं को लेकर मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 29 स्थानों में से 25 पर कुल 128 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। इसके अलावा 49 नए डायलिसिस केंद्रों को मंजूरी दी गई है। सरकार प्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इसके तहत 18 डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। दवाओं की उपलब्धता को लेकर उन्होंने बताया कि माध्यमिक स्तर के अस्पतालों में 571, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 170 और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 91 आवश्यक दवाएं निशुल्क उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है।
शांडिल के मुताबिक स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों के निर्माण और आधुनिकीकरण पर भी सरकार लगातार निवेश कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य बजट से 137.15 करोड़ रुपये और 15वें वित्त आयोग से 80.24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, यानी कुल 217.39 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 15वें वित्त आयोग से अब तक 112.56 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच प्रदेश में 63 नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। 33 भवनों का काम अंतिम चरण में है, जबकि 54 भवनों का निर्माण जारी है। इसके अलावा 139 नए भवनों के लिए नक्शे और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा योजना को बंद करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में जो कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें दूर कर व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।
सरकार का जोर स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने के साथ अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य जरूरी स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने पर है। मंत्री के मुताबिक आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में भर्ती और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के जरिए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।