#यूटिलिटी
March 22, 2025
हिमाचल: टीबी मरीज की तीमारदारी करने वाले की होगी डबल इनकम, जानें सरकार की योजना
टीबी रोगी की सूचना देने पर 500, देखभाल करने वाले को मिलेंगे एक हजार रुपए
शेयर करें:

सोलन। हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार ने अब टीबी मुक्त हिमाचल के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टीबी रोगी की सूचना देने वाले और उसकी देखभाल करने वाले शख्स को इंसेटिंव देने का ऐलान किया है। यह कदम टीबी मरीजों की पहचान करने और उनके बेहतर इलाज के लिए उठाया गया है।
दरअसल सरकार ने टीबी रोगी की सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रुपए का इंसेटिंग देने का ऐलान किया है। शख्स को यह राशि तब मिलेगी जब, संदिग्ध रोगी का टेस्ट पॉजिटिव आए। इसके साथ ही टीबी मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी सरकार ने एक हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की बात कही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें : 'लक्कड़ माफिया' का कारनामा: पकड़ी गई चोरी तो गाड़ी ही जला दी, जानें कहां का है केस..
बता दें कि पिछले दो सालों में प्रदेश भर में क्षय रोगियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिसके चलते हिमाचल में 100 दिन टीबी अभियान चलाया गया है। जिसमें घरद्वार क्षय रोगी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम ले रही है। इसी के साथ स्क्रीनिंग कार्य चल रहा है। संदिग्ध टीबी मरीजों के घरद्वार से बलगम सैंपल लिए जा रहे हैं। अब इसमें एक ओर कदम आगे बढ़ाया है। इसमें लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : भारतीय सेना का जवान चिट्टे के साथ गिरफ्तार, जानें कितना मिला नशा
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो हिमाचल में क्षय रोगियों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है। लोग खांसी होने पर स्थानीय दवा विक्रेताओं से कफ सिरप या अन्य उपचार संबंधी दवाएं ले लेते हं और बीमारी को दबा देते हैं। जिसके चलते बाद में यह खांसी गंभीर रूप ले लेती है। जिसके चलते ही प्रदेश में लगातार क्षय रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें : केंद्र से आपदा राहत नहीं मिली तो अगली बड़ी आफत कैसे झेलेगा हिमाचल प्रदेश
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार खांसी होने पर टीबी के टेस्ट के लिए लोग आगे नहीं आते हैं। उन्हें लंबे समय से खांसी तो रहती है। लेकिन टीबी के डर से अस्पतालों का रुख ही नहीं करते हैं। इस बारे में उनके साथ रहने वाले लोग जानते हैं। अब जानकारी रखने वाले लोग विभाग को मरीज के बारे में बताते हैं और मरीज पॉजिटिव निकलता है तो उसे इंसेंटिव का प्रावधान किया है।
स्वास्थ्य विभाग सोलन के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ गगन ने बताया कि टीबी मरीज के बारे में सूचना देने के साथ.साथ पॉजिटिव आने पर देखभाल करने वाले को भी इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके लिए 1000 रुपए रखा गया है। यदि व्यक्ति छह माह या जब तक मरीज का टीबी उपचार चल रहा है, तब तक देखभाल करेगा तो उसे यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।