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June 23, 2025
हिमाचल शिक्षा बोर्ड की निजी स्कूलों को चेतावनी, यह सामान बेचने पर रद्द होगी मान्यता
निजी स्कूलों ने बैच, बैल्ट, जूते और टाई बेची तो कार्रवाई को रहें तैयार
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश में लंबे समय से निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रों को किताबों के साथ.साथ वर्दी, टाई, जूते, बैज और अन्य सामग्री जबरन बेचने की शिकायतें आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अब ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी जारी कर दी है।
बोर्ड सचिव डॉ मेजर विशाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल अगर शैक्षणिक संस्थान के भीतर व्यवसायिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसकी संबद्धता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को केवल बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम और प्रायोगिक पुस्तकों को पढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से महंगी निजी प्रकाशन की पुस्तकें थोपते हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
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बोर्ड के अनुसार, बहुत से स्कूल परिसर में ही पुस्तकें, कॉपियां, वर्दी, बैज, जूते व अन्य सामान बेचने का कार्य कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से शिक्षा के व्यवसायीकरण का हिस्सा है। अब बोर्ड द्वारा इन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि स्कूल परिसर में कोई व्यापारिक गतिविधि पाई जाती है, तो उस स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जा सकती है। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी।
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बोर्ड सचिव ने यह भी कहा कि शिक्षा एक सेवा है, व्यवसाय नहीं, और यह सुनिश्चित करना सरकार तथा शिक्षा बोर्ड की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि छात्रों और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक दबाव में न डाला जाए। उन्होंने चेताया कि अगर भविष्य में किसी भी स्कूल से ऐसे कृत्य की शिकायत मिली तो बोर्ड अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इस निर्णय को लेकर शिक्षा क्षेत्र में हलचल मच गई है। कुछ निजी स्कूल संगठनों ने जहां इसे अनुचित हस्तक्षेप बताया है, वहीं अधिकांश अभिभावक वर्ग ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे स्कूलों द्वारा की जा रही आर्थिक शोषण की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।