#यूटिलिटी
April 26, 2025
सुक्खू सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने इस हाइड्रो प्रोजेक्ट के अधिग्रहण पर लगाई रोक
सरकार के फैसले के खिलाफ एनएचपीसी पहुंचा था हाईकोर्ट
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को हिमाचल हाईकोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। सुक्खू सरकार द्वारा 180 मेगावाट बैरा स्यूल हाइड्रो पावर परियोजना को सरकारी नियंत्रण में लेने के निर्णय पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई।
दरअसल प्रदेश की मौजूदा सुक्खू सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट की बैठक में 40 साल की समय अवधि पूरी होने वाली परियोजनाओं का अधिग्रहण करने का फैसला लिया था। ऐसे में मौजूदा समय में 180 मेगावाट की बैरा स्यूल जलविद्युत परियोजना का संचालन कर रही राष्ट्रीय जल विद्युत निगम एनएचपीसी ने सरकार के इस फैसले को हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
यह भी पढ़ें : HPTDC की सेहत सुधरी, इस बार फिर 100 करोड़ से ज्यादा का आया टर्नओवर
आज हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। जिसमें न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले की सुनवाई 26 मई को होगी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि विवादित परियोजना के संबंध में 26 मार्च 2025 का संचार कैबिनेट का निर्णय अगले आदेशों तक प्रभावी नहीं होंगे।
बता दें कि बैरा स्यूल जलविद्युत परियोजना 1981 में शुरू हुई थी। इसकी स्थापित क्षमता 180 मेगावाट है और इसमें 60 मेगावाट की तीन इकाईयां हैं। प्रारंभिक समझौते के अनुसार इस परियोजना के 40 वर्षों के संचालन के बाद इसे अब राज्य सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए था। जिसके चलते ही सरकार ने 40 साल की अवधी पूरी कर चुकी इस परियोजना को अपने अधीन लेने का फैसला किया था।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने वाले प्रायमरी टीचरों की कटेगी सैलरी , बागियों की पहचान के आदेश
सुक्खू सरकार ने पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) और नेशनल हाईड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) को आवंटित पांच बिजली प्रोजेक्टों को समयावधि पूरी होने के चलते अपने अधीन लेने का फैसला लिया था। लेकिन सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए एनएचपीसी ने हिमाचल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एनएचपीसी ने अगस्त 2021 में संयंत्र का आधुनिकीकरण करने के आधार पर स्थायी स्वामित्व का दावा किया है।
एनएचपीसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हिमाचल हाईकोर्ट ने इस परियोजना के अधिग्रहण के सुक्खू सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित की गई। अब देखना यह है कि क्या सुक्खू सरकार इस परिजयोजना को अपने अधिकार में ले पाती है या फिर प्रदेश के हाथों से एक बड़ी परियोजना छीन जाएगी।