#यूटिलिटी
April 2, 2026
सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला- 300 यूनिट तक फ्री हुई बिजली, इन परिवारों को मिलेगा लाभ
गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ होगा कम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिजली दरों और सब्सिडी को लेकर जारी असमंजस के बीच राज्य सरकार ने अब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। राज्य सरकार ने बिजली सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार का ये फैसला जनता के लिए बेहद राहत भरा है।
ऊर्जा विभाग की ओर से राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में साफ किया गया है कि CM सुक्खू द्वारा बजट में की गई घोषणाओं को लागू कर दिया गया है। खास तौर पर अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के फैसले को अधिसूचना के जरिए लागू कर दिया गया है। इससे हजारों परिवारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुफ्त और सब्सिडी वाली बिजली का लाभ एक ही परिवार के अधिकतम दो बिजली मीटरों तक सीमित रहेगा। यानी एक राशन कार्ड से जुड़े केवल दो मीटरों पर ही 125 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। इसके ऊपर की खपत पर तय दरों के अनुसार सब्सिडी लागू रहेगी।
इस व्यवस्था को लागू करने से पहले बिजली बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में सर्वे कराया गया था। उसी के आधार पर यह तय किया गया है कि किन-किन मीटरों को सब्सिडी के दायरे में लाया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि अगर उपभोक्ता भविष्य में अपने चुने गए मीटरों में बदलाव करना चाहे, तो उसे यह सुविधा भी दी जाएगी।
सब्सिडी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार इसे डिजिटल सिस्टम से जोड़ने जा रही है। जिन मीटरों को सब्सिडी के लिए चुना जाएगा, उन्हें संबंधित राशन कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसके बाद यह जानकारी IT विभाग को भेजी जाएगी, जहां पूरा डेटा मिलान किया जाएगा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या दोहराव न हो।
सरकार ने किसानों को भी राहत दी है। कृषि कनेक्शन पर 4.73 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाएगी। जबकि किसानों से केवल 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लिया जाएगा। इससे खेती-किसानी की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सब्सिडी वाले दो मीटरों के लिए नई दरों का ढांचा कुछ इस तरह तय किया गया है-
वहीं, अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसके बाद उनकी खपत पर भी सब्सिडी लागू रहेगी, जिससे उन पर आर्थिक बोझ कम रहेगा।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि मुफ्त बिजली मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही बिजली बिल जारी होते रहेंगे। हालांकि, जिन पर पूरी सब्सिडी लागू होगी, उनका बिल शून्य ही रहेगा।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी भी बनेगी। राशन कार्ड से लिंकिंग और IT आधारित मिलान से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सब्सिडी सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे।