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April 2, 2026
हिमाचल में महंगी हुई शराब : 105 रुपये तक बढ़े दाम, यहां देखें पूरी रेट लिस्ट
शराब के नए रेट आज से जारी- ठेकों के बाहर लगेगी रेट लिस्ट
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही शराब के दामों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। एक्साइज डिपार्टमेंट ने गुरुवार देर शाम नई रेट लिस्ट जारी की, जिसके बाद प्रदेशभर में अंग्रेजी शराब के दाम बढ़ गए हैं।
इस बार सबसे ज्यादा असर प्रीमियम और इंग्लिश ब्रांड्स पर देखने को मिला है। कुछ ब्रांड्स के दामों में अधिकतम 100 रुपये से ज्यादा तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे शौकीनों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, रेगुलर ब्रांड्स में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रखी गई है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।
अगर खास ब्रांड्स की बात करें तो VAT 69 व्हिस्की के दामों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है, जिसमें 105 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। ऑफिसर्स चॉइस व्हिस्की के दाम में सबसे कम वृद्धि की गई है। यह पहले 535 रुपये में मिल रही थी, जो अब 545 रुपये प्रति बोतल हो गई है। वहीं, रायल स्टैग व्हिस्की के दाम 750 से बढ़ाकर 770 रुपये कर दिए गए हैं।
इस बार सरकार ने शराब ठेकों की नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से की है। इसी के आधार पर नई MRP तय की गई है। गौर करने वाली बात यह है कि बीते साल ही सरकार ने MSP की व्यवस्था को खत्म कर दिया था और MRP सिस्टम लागू किया था।
अब उसी व्यवस्था के तहत ठेके आवंटित किए जा रहे हैं, जिससे कीमतों में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। नई नीति के तहत सरकार ने सख्ती भी बढ़ाई है। सभी शराब ठेकों पर हर ब्रांड की रेट लिस्ट लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। ठेका संचालकों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे ग्राहकों के लिए कीमतें साफ तौर पर प्रदर्शित करें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
इसके अलावा एक और अहम फैसला यह लिया गया है कि हर रेट लिस्ट पर संबंधित क्षेत्र के एक्साइज एंड टेक्सेशन इंस्पेक्टर का मोबाइल नंबर भी लिखना होगा। इसका मकसद यह है कि अगर कोई ठेका संचालक तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलता है, तो उपभोक्ता तुरंत शिकायत दर्ज करा सके।
विभाग ने अपने अधिकारियों को नियमित रूप से ठेकों की जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। अगर किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।