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April 24, 2025
हिमाचली बेटियों की बोली लगा रही सुक्खू सरकार, देवभूमि क्षत्रिय संगठन ने जाम किया शिमला
जाम में फंसी स्कूली बसें, अंदर रोते रहे मासूम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने को लेकर देवभूमि क्षत्रिय संगठन उखड़ गया है। आज गुरुवार को देवभूमि क्षत्रिय संगठन ने छोटा शिमला में करीब पांच घंटे तक चक्का जाम किया। इस दौरान संगठन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए और सचिवालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
संगठन के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चलता रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियें ने छोटा शिमला में चक्का जाम कर दिया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। चक्का जाम से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। चक्का जाम से जहां आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं स्कूली बच्चों के वाहन भी जाम में फंसे रहे।
इस दौरान क्षत्रिय संगठन ने सुक्खू सरकार पर प्रदेश की बेटियों की बोली लगाने के आरोप लगाए। देवभूमि क्षत्रिय संगठन का कहना है कि अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि बढ़ाना प्रदेश की बेटियों की बोली लगाने जैसा है। सुक्खू सरकार को अपना यह फैसला वापस लेना होगा। इसके अलावा स्वर्ण आयोग के गठन की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू या उनके मंत्री को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे।
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के इस चक्का जाम से पूरा शहर भर रूक सा गया। स्कूली बसों में फंसे बच्चे अपने परिजनों को याद कर रोते दिखे। बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बसों को भी जाने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों के चलते हुए ठप ट्रैफिक व्यवस्था के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मूकदर्शक नजर आए।
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इससे पहले दोपहर 12 बजे संगठन के कार्यकर्ता टॉलैंड में एकत्र हुए। यहां से एक रोष रैली छोटा शिमला तक निकाली गई। साढ़े 12 बजे प्रदर्शनकारी पुलिस थाना छोटा शिमला के आगे सड़क पर धरना देकर बैठ गए। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में बढ़ाई गई अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि के फैसले को वापस लेने की मांग की गई।
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमित ने कहा कि सीएम सुक्खू ने सवर्ण आयोग के गठन की मांग पर छह माह का समय मांगा था। लेकिन अब दो साल से अधिक का समय हो गया है। रुमित ठाकुर ने कहा कि देश भर में धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है। ऐसे में सरकार को जल्द ही स्वर्ण आयोग का गठन करना चाहिए। वहीं अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि बढ़ाना भी सही नहीं है। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।