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September 7, 2026

CM सुक्खू का बड़ा तोहफा- पशुपालकों को मिल रहा दूध का मनचाहा रेट, हुआ भारी मुनाफा

पशुपालकों को दूध का बेहतर दाम मिल रहा है

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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए खेती के साथ पशुपालन को भी आय का बड़ा जरिया बनाने पर जोर दे रही है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि गांवों में रहने वाले किसान और पशुपालक लगातार मेहनत करते हैं- इसलिए उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। सरकार इसी दिशा में पशुपालकों को बेहतर आर्थिक आधार देने के प्रयास कर रही है।

गाय और भैंस के दूध का तय किया न्यूनतम समर्थन मूल्य

CM ने बताया कि प्रदेश में गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से पशुपालकों को दूध का बेहतर दाम मिल रहा है। इससे किसानों को पशुपालन को बढ़ाने और अधिक पशु रखने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिल रहा है।

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दूध की खरीद 1.57 लाख से बढ़कर 2.70 लाख लीटर

सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में दूध खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले रोजाना करीब 1.57 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा था, जो अब बढ़कर लगभग 2.70 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। दूध खरीद में यह बढ़ोतरी प्रदेश में डेयरी गतिविधियों और दुग्ध उत्पादन के विस्तार की ओर इशारा करती है।

पशुपालन को आमदनी का मजबूत जरिया बनाने की कोशिश

CM ने कहा कि सरकार पशुपालन को केवल खेती से जुड़ा अतिरिक्त काम नहीं मानती, बल्कि इसे किसान परिवारों की आय बढ़ाने वाले प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है।

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दूध की नियमित बिक्री से ग्रामीण परिवारों को लगातार आमदनी मिल सकती है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ गांवों में रोजगार और स्थानीय कारोबार के अवसर भी बढ़ेंगे।

किसानों की मेहनत का बेहतर मूल्य देने पर जोर

CM ने कहा कि खेती और पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और खरीद बढ़ाने जैसी पहल का उद्देश्य यही है कि पशुपालकों को उनकी मेहनत का उचित आर्थिक लाभ मिल सके। सरकार के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्थायी साधन मजबूत होंगे तो इसका व्यापक असर गांवों की अर्थव्यवस्था और किसान परिवारों की जीवनशैली पर भी पड़ेगा।

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