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April 2, 2025
बड़ी खुशखबरी! हिमाचल में मनरेगा मजदूर भी होंगे BPL में शामिल, यहां जानें पूरी बात
मजदूरों को पूरी करनी होंगी कुछ शर्तें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए राहत भरी खबर आई है। 100 दिन तक मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को अब BPL (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में शामिल किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग ने इस संबंध में नए मापदंड तय कर दिए हैं, जिसके तहत मनरेगा मजदूरों को कुछ शर्तों के साथ इस श्रेणी में जोड़ा जाएगा। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के लाखों मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 1,07,907 मजदूरों ने 100 दिन का मनरेगा कार्य पूरा किया है। जिला अनुसार आंकड़ों पर नजर डालें तो-
प्रदेश में मनरेगा के तहत 15 लाख 14 हजार 909 जॉब कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें से 7,14,728 परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इनमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है, क्योंकि 6 लाख 4 हजार 410 महिलाएं मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं।
पंचायतीराज विभाग ने इस बार BPL सूची के लिए मापदंड तय किए हैं, जिसके तहत 1 अप्रैल से पात्र मजदूर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद गठित कमेटियां सभी मापदंडों की जांच करेंगी और योग्य व्यक्तियों को BPL सूची में शामिल किया जाएगा। DRDA (जिला ग्रामीण विकास एजेंसी) के कार्यकारी परियोजना अधिकारी केएल वर्मा ने बताया कि 100 दिन तक मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को इस बार BPL सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सरकार की योजनाओं का अधिक लाभ देने के उद्देश्य से की गई है।
इस योजना से उन मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभ प्राप्त करने के लिए बीपीएल श्रेणी में आने का इंतजार कर रहे थे। अब देखना होगा कि सरकार द्वारा तय किए गए नए मापदंडों पर कितने मजदूर खरे उतरते हैं और उन्हें बीपीएल सूची में शामिल किया जाता है या नहीं। बहरहाल, इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मनरेगा मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।