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February 9, 2025

हिमाचल की लड़कियों का पंच- नेशनल गेम्स में जीते मेडल, लड़के भी पीछे नहीं

28 जनवरी से शुरू हुए खेलों में हिमाचल के 10 मुक्केबाजों ने भाग लिया

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शिमला। 28 जनवरी से उत्तराखंड में शुरू हुए नेशनल खेलों में हिमाचल प्रदेश के मुक्केबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इस खेल प्रतियोगिता में राज्य की छह महिलाओं सहित कुल 10 मुक्केबाजों ने भाग लिया है और उनमें से 5 ने पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। बता दें कि बॉक्सिंग में बेटियों ने कमाल किया है और 3 मेडल झटक कर लाई हैँ। 

विनाक्षी धोटा ने जीता रजत पदक

प्रदेश की मुक्केबाज विनाक्षी धोटा ने 57 किग्रा भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। यह उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम था। विनाक्षी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) कार्यक्रम के तहत हुआ और उन्हें हरियाणा के रोहतक में ट्रेनिंग दी गई, जिसके बाद जबरदस्त परिणाम आए हैं। 

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विनाक्षी ने नौकरी की पेशकश ठुकराई

बता दें कि विनाक्षी धोटा ने अपने शानदार प्रदर्शन के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस से ग्रुप डी और कांस्टेबल के पद की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है। विनाक्षी का मानना ​​है कि उनका सपना मुक्केबाजी में ही है और वे अपनी पूरी ताकत खेल में ही झोंकना चाहती हैं। 

मीनाक्षी देवी और एकता ठाकुर ने कांस्य पदक जीता

वहीं, मीनाक्षी देवी और एकता ठाकुर ने  60 किग्रा और 75 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीते। इन दोनों ने अपनी उत्कृष्ट तकनीक और मेहनत से खेल में अपनी पहचान बनाई और देश का नाम गर्व से रोशन किया। 

 

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आशीष चौधरी और चेतन चौहान का कांस्य पदक जीतना

पुरुष वर्ग में भी हिमाचल प्रदेश के मुक्केबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। आशीष चौधरी ने 57 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता, जबकि चेतन चौहान ने 92 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपने राज्य का नाम ऊंचा किया। 

अन्य राज्य से लिया जा रहा है प्रशिक्षण

सूत्रों के अनुसार, विनाक्षी और आशीष का प्रशिक्षण हरियाणा में हुआ, जहां उन्हें SAI के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षित किया गया। इसी तरह, कुल्लू की मेनका और एकता, साथ ही मंडी के चेतन भी हरियाणा में अपने खर्च पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। 

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राज्य सरकार से बेहतर सुविधाओं की मांग

वहीं, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के सचिव राजेश भंडारी ने राज्य में खेल बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को हरियाणा में प्रशिक्षण मिलता है, जबकि वे हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी हैं।  राज्य में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं। हाल ही में बिलासपुर में एक नया SAI केंद्र खोला गया है, और हमीरपुर में मुक्केबाज़ी के लिए एक NSOE केंद्र भी स्थापित किया गया है। 

कोच टेक चंद का बयान

उधर, कोच टेक चंद ने भी कहा कि  प्रदेश में बेहतरीन प्रतिभाएं हैं, लेकिन यहां बुनियादी ढांचे की गंभीर कमी है। हरियाणा जैसे राज्य अपने मुक्केबाजी केंद्रों और निजी कोचिंग संस्थानों के कारण बॉक्सिंग के क्षेत्र में दबदबा बनाए हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में अगर बेहतर खेल सुविधाएं विकसित की जाएं तो राज्य के खिलाड़ी और भी अच्छे परिणाम हासिल कर सकते हैं। 

 

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