#धर्म
December 10, 2025
हिमाचल में है स्वर्ग की सीढ़ी ! रावण ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए किया था निर्माण
अमरता प्राप्त करने के लिए रावण ने किए थे जतन
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सिरमौर। अकसर हम स्वर्ग नरक की बात करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्वर्ग जाने की सीढ़ी है। इस सीढ़ी के तार लंकापति रावण और भगवान शिव से जुड़ते हैं। नाहन से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित पौड़ीवाला शिव मंदिर का इतिहास बहुत रोमांचक है।
ये बात उस वक्त की है जब श्री राम अयोध्या के राजा बनने वाले थे। इसी दौरान रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सिरमौर के नाहन में शिवलिंग की स्थापना की थी। दरअसल रावण अमरती की प्राप्ति करना चाहता था जिसके लिए उसने घोर तपस्या की।
रावण की तपस्या से प्रसन्न होकर भोले शंकर साक्षात प्रकट हुए और रावण को वरदान मांगने के लिए कहा। रावण ने अमरता का वरदान मांगा तो शिव भगवान ने उसे अमर होने की तरकीब बताई। भगवान शिव ने कहा कि रावण को एक दिन में 5 चमत्कारी सीढ़ियां बनानी होंगी।
सीढियां बन गईं तो उसे अमरता और स्वर्ग जाने का रास्ता मिल जाएगा। ये सुनके रावण ने अपना काम शुरू कर दिया। लंकापति रावण ने पहली सीढ़ी हरिद्वार में बनाई, दूसरी पौड़ीवाल में, तीसरी पौड़ी चूड़ेश्वर महादेव और चौथी पौड़ी किन्नर कैलाश में बनाई।
4 सीढ़ियां बनाने के बाद रावण थक कर गहरी नींद सो गया। जब वो जागा तो सुबह हो गई थी। ऐसे में रावण को अमरता नहीं मिल पाई। पौड़ीवाल में आज भी स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी मौजूद है। यहां वो बावड़ी भी है जहां से रावण पानी भरता था।
पौड़ीवाल में स्थित शिवलिंग को लेकर एक और मान्यता है। कहा जाता है कि यहां शिवलिंग का आकार बढ़ता है। हर साल शिवलिंग का आकार एक से दो इंच तक बढ़ जाता है। नाहन से करीब 5 किलोमीटर दूर पौड़ीवाला शिव मंदिर वर्षों से अपनी मान्यताओं के लिए लोगों में प्रसिद्ध है।
कहते हैं कि पौड़ीवाल स्थित इस शिव मंदिर में साक्षात भगवान शिव वास करते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। हर साल यहां महाशिवरात्रि पर मेला लगता है जिसमें श्रद्धालु दूर-दूर से आकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं।