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February 12, 2026

14 या 15 फरवरी को महाशिवरात्रि ? दूर करें तारीख का कन्फ्यूजन, जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

महाशिवरात्रि पर भद्रा का योग

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Happy Mahashivratri

शिमला। सनातन धर्म में भगवान शिव को 'औघड़ दानी' कहा जाता है, जो भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान दे देते हैं। भगवान भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि का त्योहार शिव भक्तों के लिए बहुत बड़ा उत्सव होता है। इस साल महाशिवरात्रि की तारीख को लेकर भक्तों के मन में थोड़ा संशय है कि ये 14 फरवरी को मनाई जाएगी या 15 फरवरी को। आइए जानते हैं कि पूजा का सही समय और विधि क्या है।

कब मनाई जाएगी महाशिवरात्रि ?

महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस बार तिथियों का समय कुछ इस प्रकार है:

  • चतुर्दशी तिथि शुरू: 15 फरवरी (रविवार) शाम 5:04 बजे से।
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी (सोमवार) शाम 5:34 बजे तक।

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भगवान शिव की पूजा में रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है और चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की रात को पड़ रही है इसलिए 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि का व्रत और पूजन करना शास्त्रों के अनुसार होगा।

भद्रा का साया पर डरिए नहीं

इस साल महाशिवरात्रि पर भद्रा का योग भी बन रहा है। 15 फरवरी की शाम 5:04 से अगले दिन सुबह 5:23 तक भद्रा रहेगी लेकिन अच्छी बात ये है कि इस बार भद्रा 'पाताल लोक' में है। शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा पाताल में होती है तो पृथ्वी पर रहने वालों पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ता इसलिए भक्त बिना किसी डर के रुद्राभिषेक और पूजा कर सकते हैं।

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पूजा के चार प्रहर: शुभ मुहूर्त

शास्त्रों में शिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का बड़ा महत्व बताया गया है। भक्त अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार इन समयों पर पूजा कर सकते हैं:

1. प्रथम प्रहर: 15 फरवरी शाम 6:11 से रात 9:22 तक।
2. द्वितीय प्रहर: 15 फरवरी रात 9:23 से रात 12:34 तक।
3. तृतीय प्रहर: 16 फरवरी रात 12:35 से सुबह 3:46 तक।
4. चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी सुबह 3:46 से सुबह 6:59 तक।

कैसे करें महादेव का प्रसन्न ? (पूजन विधि)

आचार्य के अनुसार, शिव पूजा बिल्वपत्र (बेलपत्र) के बिना अधूरी है। इसके अलावा पूजा में इन बातों का ध्यान रखें:

  • सामग्री: धतूरा, मंदार, तुलसी दल, शंखपुष्प, सफेद चंदन और भस्म।
  • विशेष उपाय: शिवलिंग पर भस्म या सफेद चंदन से त्रिपुंड जरूर बनाएं। महादेव को रुद्राक्ष अर्पित करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।

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दोषों से मुक्ति के अचूक उपाय

अगर आप जीवन में परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो महाशिवरात्रि पर ये विशेष उपाय कर सकते हैं:

  • राहु-केतु दोष: जल में कुश और दूर्वा डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और 21 सफेद फूल अर्पित करें।
  • आर्थिक तंगी: यदि घर में पैसों की तंगी है, तो स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करें और गाय के कच्चे दूध से रुद्राभिषेक करें।
  • पार्थिव पूजन: यदि मंदिर न जा सकें, तो घर पर ही मिट्टी से बने शिवलिंग (पार्थिव शिवलिंग) का अभिषेक करें।
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