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March 18, 2026
हिमाचल: आज से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र, इस बार घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त- जानें डिटेल
क्या LPG संकट डालेगा खलल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चैत्र नवरात्र की तैयारियां जोरों-शोरों पर चल रही हैं। भव्य सजावट से मंदिरों का नजारा और सुंदर हो गया है। तारादेवी हो या कालीबाड़ी, हर जगह माहौल भक्तिमय हो गया है। हालांकि इस बार LPG को लेकर चल रहा संकट कई मुश्किलों को बुलावा दे रहा है लेकिन फिर भी भक्तों का जोश कम नहीं हुआ है। वहीं इस बार घट स्थापना के दो मुहूर्त बताए गए हैं। आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
हर साल की तरह इस साल भी नवरात्रों की तैयारियां काफी जोरों पर है। आज वीरवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो गए है जो 27 मार्च तक चलेंगे। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की जाती है।
इस बार घट स्थापना के दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं पहला सुबह 6:54 से 7:58 बजे तक और दूसरा दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा। ऐसे में श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन मुहूर्तों में पूजा कर सकेंगे।
शहर के प्रमुख मंदिर जैसे तारादेवी मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, बीसीएस तारा माता मंदिर और ढींगू माता मंदिर में इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी इन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। तारादेवी मंदिर के लिए पुराने बस अड्डे से विशेष बसें भी चलाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार, नवरात्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो रहे हैं। यह तिथि 19 मार्च सुबह 6:54 बजे से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 4:51 बजे तक रहेगी। इस बार नवरात्र में राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जिन्हें काफी शुभ माना जाता है।
नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कुष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। इसी दौरान अष्टमी और रामनवमी का पर्व भी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा।
वहीं, इस बार शहर में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी का असर मंदिरों में लगने वाले भंडारों पर पड़ सकता है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने पहले ही वैकल्पिक इंतजाम कर लिए हैं। तारादेवी मंदिर में लकड़ियों की व्यवस्था की गई है, जबकि बीसीएस तारा माता मंदिर में डीजल भट्ठियां लगाई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं के लिए भंडारा जारी रह सके।
कालीबाड़ी मंदिर में भी गैस की कमी के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए हलवा प्रसाद बनाया जाएगा और अंतिम दिनों में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि अगर कोई श्रद्धालु एलपीजी की व्यवस्था करना चाहता है, तो वह भी सहयोग कर सकता है।
नवरात्र के दौरान शहर के सभी प्रमुख मंदिर सुबह 6 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। कुल मिलाकर नवरात्र को लेकर शिमला पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।