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April 5, 2026
हिमाचल: बाबा बालक नाथ ने दिखाया चमत्कार, 9 साल बाद दंपत्ति को मिला पुत्र सुख; हाजिरी लगाने पहुंचे
नवजात बच्चे को लेकर परिवार पहुंचा बाबा के दरबार, जताया आभार
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शाहतलाई (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों में लोगों की अटूट आस्था और विश्वास की मिसालें समय.समय पर सामने आती रहती हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। ऐसा ही एक भावुक नजारा उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में देखने को मिला, जहां एक परिवार की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी होने पर आस्था और भावनाओं का अनोखा संगम नजर आया।
हरियाणा से आए एक श्रद्धालु परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। संदीप कुमार और उनकी पत्नी पिछले 9 साल से पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखते थे। पहले से दो बेटियों के माता-पिता इस दंपति ने करीब डेढ़ वर्ष पहले बाबा बालक नाथ के दरबार में सच्चे मन से अरदास लगाई थी। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई इस प्रार्थना का फल उन्हें मिला और करीब पांच महीने पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ। नौ साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद घर में आई इस खुशी ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया।
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रविवार को यह परिवार अपने नवजात बेटे को लेकर बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई पहुंचा। मंदिर परिसर में उन्होंने विधिवत पूजा.अर्चना की और बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य श्रद्धालु भी इस भावुक क्षण के साक्षी बने और परिवार की खुशी में शामिल होते नजर आए। मंदिर में पूजा के दौरान पंडित द्वारा नन्हे बच्चे को बाबा जी की पवित्र सिंगी धारण करवाई गई और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए भावुक कर देने वाला था। परिवार का कहना था कि यह सब बाबा जी की कृपा और उनके अटूट विश्वास का परिणाम है।
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बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी भक्त की मुराद बाबा बालक नाथ ने पूरी की है। अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली से एक परिवार मन्नत पूरी होने पर मंदिर पहुंचा था। बाबा की कृपा से उनका जन्म से गूंगा बच्चा तीन साल बाद बोलने लगा था। दिल्ली निवासी दंपत्ति अपने तीन वर्षीय बेटे सिमरन के साथ पिछले वर्ष शाहतलाई दरबार पहुंचे थे। उस समय बच्चा जन्म से ही बोलने में असमर्थ था। कई जगह इलाज करवाने के बावजूद जब कोई ठोस परिणाम नहीं मिलाए तो परिवार ने अंततः बाबा बालक नाथ के दरबार में आस्था के साथ अरदास लगाई। उसके कुछ महीनों बाद ही बच्चे ने धीरे धीरे बोलना शुरू कर दिया था।
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हिमाचल के धार्मिक स्थलों में लोगों की गहरी आस्था देखने को मिलती है। दूर.दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं और कई बार ऐसे प्रसंग सामने आते हैं, जो विश्वास को और मजबूत कर देते हैं। बाबा बालक नाथ मंदिर में सामने आया यह प्रसंग भी इसी आस्था और श्रद्धा की एक जीवंत मिसाल बन गया हैए जिसने वहां मौजूद हर श्रद्धालु के दिल को छू लिया।