#धर्म

August 17, 2026

मां चिंतपूर्णी के चमत्कार से निहाल हुआ पंजाब का भक्त, चढ़ाया 1.100 किलोग्राम चांदी का छत्र

मनोकामना पूरी होने पर पंजाब से परिवार संग मां के दरबार में पहुंचा श्रद्धालु

शेयर करें:

mata chintpurni una

ऊना। हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के प्रति देश-विदेश के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। सालभर हजारों-लाखों श्रद्धालु इन पवित्र धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर मां के दरबार में शीश नवाते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि शक्तिपीठों में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मां के चरणों में चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसा ही श्रद्धा और कृतज्ञता से भरा उदाहरण ऊना जिला स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी जी के दरबार में देखने को मिला।

मनोकामना पूरी हुई तो मां के दरबार में पहुंचे भक्त

पंजाब के संगरूर से एक श्रद्धालु परिवार माता चिंतपूर्णी के दरबार में पहुंचा। परिवार ने मां के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए मनोकामना पूरी होने की खुशी में माता रानी के चरणों में 1 किलो 100 ग्राम वजन का चांदी का छत्र अर्पित किया। श्रद्धालु परिवार द्वारा चढ़ाया गया यह छत्र मंदिर में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 3 मासूम बच्चों का पिता 300 फीट गहरी खाई में गिरा, बाहर निकाला पर थम गईं सांसें

लाखों रुपये की कीमत का चांदी का छत्र अर्पित

मंदिर में अर्पित किए गए चांदी के छत्र का वजन 1 किलो 100 ग्राम बताया गया है। मौजूदा बाजार भाव के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 60 हजार से 2 लाख 75 हजार रुपये के बीच आंकी जा रही है। श्रद्धालु परिवार ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ यह चांदी का छत्र मां चिंतपूर्णी को समर्पित किया।

विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लगाई हाजिरी

श्रद्धालु परिवार ने मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और मां चिंतपूर्णी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के मुख्य पुजारी संदीप कालिया ने मंत्रोच्चारण के साथ परिवार की हाजिरी लगवाई और चांदी का छत्र माता के चरणों में अर्पित करवाया। इस दौरान परिवार ने मां के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना भी की।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही- सैलाब में बहा पुल; मंदिर जा रहे 50 श्रद्धालु रास्ते में फंसे

आस्था और कृतज्ञता का प्रतीक है चांदी का छत्र

मुख्य पुजारी संदीप कालिया ने बताया कि श्रद्धालु परिवार की माता चिंतपूर्णी के प्रति गहरी आस्था है। परिवार की एक विशेष मनोकामना थी, जो उनकी मान्यता के अनुसार माता रानी की कृपा से पूरी हुई। इसी खुशी और कृतज्ञता के भाव से परिवार ने मां के चरणों में चांदी का छत्र अर्पित करने का संकल्प लिया था। मनोकामना पूरी होने के बाद परिवार ने अपने संकल्प को पूरा करते हुए यह छत्र माता के दरबार में समर्पित किया।

शक्तिपीठों में आस्था से जुड़ी है श्रद्धालुओं की भावनाएं

हिमाचल प्रदेश में स्थित शक्तिपीठों की देशभर में विशेष धार्मिक पहचान है। चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, कांगड़ा स्थित ब्रजेश्वरी देवी और चामुंडा देवी सहित अन्य प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की वर्षभर आवाजाही रहती है। भक्त अपनी श्रद्धा के साथ इन धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं और मनोकामना पूरी होने पर मां के दरबार में विभिन्न प्रकार के चढ़ावे अर्पित करते हैं। किसी श्रद्धालु द्वारा सोना-चांदी चढ़ाया जाता है तो कोई अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन, वस्त्र या अन्य सामग्री दान करता है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में बेकाबू बस का कहर- कई कारों को टक्कर मार बाइक सवार को कुचला, युवक की मौ**त

मां चिंतपूर्णी के दरबार में उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था

माता श्री चिंतपूर्णी जी का दरबार ऊना जिला के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु यहां मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ जाती है। भक्तों की इसी अटूट आस्था के बीच संगरूर के परिवार द्वारा चांदी का छत्र अर्पित करना भी मां के प्रति उनकी श्रद्धा और कृतज्ञता की भावना को दर्शाता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख