#राजनीति
January 3, 2026
मंत्री विक्रमादित्य की नई पहल : CGMG टेक्नोलॉजी से बनेंगी सड़कें, भारी बरसात भी नहीं तोड़ पाएगी
लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी सड़कें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक नई पहल की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की हर पंचायत को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि विकास की रफ्तार गांवों तक समान रूप से पहुंचे। इसके लिए सरकार न केवल बजट बढ़ा रही है, बल्कि आधुनिक तकनीकों को भी अपनाया जा रहा है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, शिमला शहर और उसके आसपास जिन इलाकों में भारी बरसात या पानी के रुकने से सड़कें जल्दी खराब हो जाती थीं, वहां अब सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (CGMG) टेक्नोलॉजी से सड़कें बनाई जा रही हैं। इस तकनीक की शुरुआत बढ़ई से चिड़ियाघर तक बनने वाली सड़क से की जा रही है।
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मंत्री विक्रमादित्य के अनुसार, इस तकनीक से बनी सड़कें ज्यादा मजबूत होंगी और मानसून के दौरान भी लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी। मंत्री विक्रमादित्य शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ई में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए पंचायत सामुदायिक भवन के लोकार्पण अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनका सपना था कि शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त वाहन पार्किंग की सुविधा हो। इसी सोच के तहत संकट मोचन में पार्किंग का निर्माण किया गया। इसके अलावा विकास नगर, ऑकलैंड, लिफ्ट, संजौली, टूटीकंडी और टुटू जैसे क्षेत्रों में भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बढ़ई पंचायत में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 17 लाख रुपये विधायक निधि से जबकि 72 लाख रुपये अन्य मदों से जारी किए गए हैं।
मंत्री विक्रमादित्य ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है और करीब 90 हजार की आबादी वाले शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों को समान रूप से विकास निधि उपलब्ध कराई जा रही है।
बारिश के मौसम में बार-बार उखड़ने वाली सड़कों की समस्या से निपटने के लिए अब सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (CGBM) तकनीक को एक कारगर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह तकनीक खासतौर पर उन शहरी सड़कों के लिए विकसित की गई है, जहां जलभराव, भारी ट्रैफिक और ज्यादा तापमान के कारण डामर की सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं।
CGBM एक उन्नत सड़क निर्माण तकनीक है, जिसमें बिटुमिनस (डामर) लेयर को पोरस (छिद्रयुक्त) बनाया जाता है और फिर उसमें सीमेंट आधारित ग्राउट भरा जाता है। इससे सड़क की ऊपरी सतह बेहद मजबूत और टिकाऊ बन जाती है। इस तकनीक से बनी सड़कों पर लगातार पानी बहने या लंबे समय तक जलभराव रहने का भी खास असर नहीं पड़ता।