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February 17, 2026
हिमाचल बजट सत्र : जयराम ठाकुर पर बरसे डिप्टी CM, बोले- दिल्ली पैसा रुकवाने जाते हैं
RDG और GST मुआवजे को लेकर विपक्ष पर हमला
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन पूरी तरह राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG के मुद्दे पर केंद्रित रहा। नियम 102 के तहत शुरू हुई चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन में बार-बार हंगामे की स्थिति बनी और चर्चा कई बार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। सरकार ने विपक्ष पर प्रदेश को कमजोर करने की कोशिशों का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने सरकार के वित्तीय फैसलों पर सवाल खड़े किए।
RDG और GST मुआवजे को लेकर विपक्ष पर हमला
चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार को 54 हजार करोड़ रुपये RDG और 16 हजार करोड़ रुपये GST मुआवजे के रूप में मिले थे। इस तरह कुल करीब 70 हजार करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुए, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों के एरियर का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार खर्चों में कटौती करेगी और वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ेगी।
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दिल्ली जाकर पैसा रुकवाने का आरोप
डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष दिल्ली जाकर हिमाचल के पैसे रुकवाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से मिलने वाले 1227 करोड़ रुपये अब तक नहीं आए हैं, जबकि सरकार कई बार केंद्रीय मंत्रियों से मिल चुकी है। इस बयान के बाद विपक्षी बेंचों से जोरदार विरोध हुआ और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
RDG बंद होने पर अफसोस नहीं जताने का आरोप
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि RDG बंद होने जैसे गंभीर मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने कभी सार्वजनिक रूप से अफसोस तक नहीं जताया। उन्होंने कहा कि पहले GST मुआवजा बंद किया गया और अब RDG को लेकर भी संकट खड़ा किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि हिमाचल की लगभग 13 प्रतिशत वित्तीय निर्भरता RDG पर है और इसे खत्म करना राज्यों को कमजोर करने जैसा कदम है।
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विधायक निधि का मुद्दा उठा, CM का जवाब
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधायक क्षेत्र विकास निधि न मिलने का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने में दिक्कत आ रही है क्योंकि निधि जारी नहीं हो रही। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधायकों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी और आपसी चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
बागवानों की सब्सिडी पर अभी इंतजार
बजट सत्र के दौरान बागवानों की लंबित सब्सिडी का मामला भी सामने आया। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानों को मिलने वाली सब्सिडी मौजूदा बजट प्रावधानों पर निर्भर करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल बागवानों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
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दिव्यांगजनों के आरक्षित पदों पर चर्चा
सदन में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का मुद्दा भी उठा। नाचन के विधायक ने पूछा कि कितने पद अभी खाली हैं और साथ ही सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांगजनों का जिक्र किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने बताया कि खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
प्रश्नकाल से शुरू हुई कार्यवाही, RDG पर चर्चा जारी रहेगी
सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि सत्र के तीन दिन की अधिसूचना जारी की गई है और अब तक 125 प्रश्न सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि RDG बहाली को लेकर आगे भी सदन में चर्चा जारी रहेगी और सरकार व विपक्ष अपने-अपने तर्क रखेंगे।
राजनीतिक संकेत साफ
बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही से यह साफ हो गया कि RDG का मुद्दा आने वाले दिनों में भी हिमाचल की राजनीति के केंद्र में बना रहेगा और इस पर टकराव और तेज हो सकता है।