#राजनीति
March 1, 2025
सुक्खू सरकार और ब्यूरोक्रेट्स आमने-सामने: बजट सत्र को लेकर घमासान, जानें पूरी खबर
31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं सुक्खू सरकार के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना
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शिमला। आगामी 10 मार्च से शुरू हो रहे हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में बैठकों की संख्या को लेकर सरकार और नौकरशाही में बड़े मतभेद उभरकर आए हैं। बजट सत्र हालांकि, 28 मार्च तक चलना है, लेकिन सुक्खू सरकार चाहती है कि सत्र 10 अप्रैल तक चले। लेकिन नौकरशाही सत्र को 28 मार्च तक ही चलाने के पक्ष में है, क्योंकि राज्य के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं।
10 मार्च को बजट सत्र की शुरुआत दो बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से होगी। 11 मार्च को प्रश्नकाल से पहले शोकोद्गार होगा और उसके बाद हर दिन की बैठक की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी।
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प्रश्नकाल के बाद आधे घंटे का शून्यकाल भी होगा। इस तरह कुल 16 बैठकों की रूपरेखा तय की गई है। लेकिन सुक्खू सरकार विपक्ष को बोलने का ज्यादा मौका देकर सत्र को 10 अप्रैल तक खींचने के पक्ष में है।
बजट सत्र के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय को अब तक करीब 130 सवाल मिल चुके हैं। विधायकों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न ज्यादा लगाए गए हैं। इनमें सड़कों, पेयजल, खनन, परिवहन, स्वास्थ्य के अलावा शिक्षण संस्थानों में रिक्तियों से संबंधित हैं।
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भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के विधायकों की ओर से विधानसभा सचिवालय को प्रश्न मिल रहे हैं। यह प्रश्न ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से लिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रश्नों का सिलसिला बढ़ेगा।
भाजपा विधायक दल की बैठक 3 मार्च की शाम को होगी, जिसमें मंदिरों से फंड मांगने के मुद्दे पर सरकार को पुख्ता तरीके से घेरने की रणनीति बनेगी। इसके अलावा राज्य में चिट्टा माफिया को कथित रूप से मिल रहे संरक्षण और प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विपक्ष हमलावर रणनीति अपनाएगा। राज्य में बीते दो महीने में 17 हत्याएं हो चुकी हैं।