#राजनीति
August 1, 2025
लॉटरी पर गरमाई सियासत: जयराम बोले- प्रदेश को बर्बादी की तरफ धकेल रही सुक्खू सरकार
लोगों को नशे और जुए के जाल में फंसा कर उनकी जमापूंजी लूटेगी सरकार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी को वैध करने के फैसले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चार दिन तक चली मैराथन कैबिनेट बैठक के अंतिम दिन सरकारी लॉटरी योजना को कानूनी मान्यता देने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। विपक्ष ने इस फैसले को प्रदेश विरोधी बताते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार रोजाना कोई नया कारनामा कर रही है। उन्होंने लगातार चार दिन तक चली कैबिनेट बैठक को फिजूल करार दिया और कहा कि इस लंबी कवायद के बाद प्रदेश को क्या मिला। सैकड़ों संस्थान बंद कर दिए गए, बेरोजगारों के लिए कोई नई नीति नहीं लाई गई और अब सरकार ने लॉटरी को वैध कर फिर से लोगों की जिंदगी को बर्बादी की ओर धकेलने का काम किया है।
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जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पहले भी लॉटरी से कई परिवार तबाह हुए थे, लोगों ने आत्महत्या तक कर ली थी, और अब सुख की सरकार उस बुरे दौर को फिर से वापस लाने की तैयारी में है। उन्होंने भांग की खेती को वैध करने और शराब के ठेके फैलाने के फैसलों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के नाम पर लोगों को नशे और जुए के जाल में फंसा रही है। शिक्षण संस्थानों को बंद करवा कर सरकार शराब और लॉटरी से राजस्व बढ़ाने की राह पर चल रही है। ये जनता के हित में नहीं बल्कि सत्ता में बैठे कुछ लोगों के हित में है।
वहीं लॉटरी योजना पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने भी कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब प्रदेश में "ले लो सुखों की लॉटरी ले लो", के नारे गूंजेंगे। डॉ बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब वह बेरोजगार युवाओं को लॉटरी के सहारे भाग्य आजमाने की सलाह दे रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि अब युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं करेंगे, बल्कि लॉटरी खरीदकर अपना जीवन दांव पर लगाएंगे।
डॉ बिंदल ने साफ कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर इस तरह के जनविरोधी फैसलों को रद्द करेगी। बिंदल ने याद दिलाया कि वर्ष 1998 में जब प्रो प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने थे, तब लॉटरी को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब सुख की सरकार एक बार फिर प्रदेश में जुए को बढ़ावा देने जा रही है।
डॉ बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश को शराब, चिट्टा, भांग और अब लॉटरी का अड्डा बना दिया गया है। लोक निर्माण विभाग की जमीनों पर आलीशान शराब के ठेके खोले जा रहे हैं, लेकिन अगर कोई गरीब किसान सड़क किनारे मक्की बेचता है तो उसका चालान कर दिया जाता है।