#राजनीति
October 11, 2025
हिमाचल में समय पर होंगे पंचायत चुनाव ! जाने कब होगी घोषणा और कितना आएगा खर्च
13 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं। ताजा अपडेट में राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। गौरतलब है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया के चार चरणों में से वार्ड बंदी का काम सफलतापूर्वक कर लिया गया है। अब दूसरे चरण में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 13 नवंबर को निर्धारित है। इसके बाद ही चुनावों की आधिकारिक घोषणा की जा सकेगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने कहा कि अगर सरकार का सहयोग मिला तो पंचायत चुनाव समय पर संपन्न करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों से सड़कों और आपदा की स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद अगले दो चरणों में आरक्षण रोस्टर और जिला तथा सहायक निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। सभी स्थितियों का मूल्यांकन करने के बाद चुनाव की तिथि तय की जाएगी।
अनिल खाची ने जानकारी दी कि लाहौल-स्पीति में अप्रैल में चुने गए जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है जबकि बाकी जिलों में ये जनवरी में खत्म होगा। खाची ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव की घोषणा अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ही की जाएगी।
चुनावों को सही समय पर करवाने के लिए निर्वाचन आयोग पूरी तैयारी कर रहा है। फिलहाल मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम किया जा रहा है। 1 अक्तूबर 2025 को जो 18 साल पूरे कर लेंगे, वे मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा पाएंगे।
प्रदेश में कुल 56 लाख मतदाता के नाम ड्राफ्ट रोल के आधार पर शामिल हैं जिसमें नाम जोड़ने और हटाने का काम चल रहा है। आयोग जिला उपयुक्तों यानी जिला निर्वाचन अधिकारियों, SDM यानी सहायक निर्वाचन अधिकारियों के जरिए चुनाव प्रक्रिया पूरा करता है।
मतदान केंद्रों की स्थापना स्कूलों में होती है। मतदान के लिए शिक्षकों, पंचायती राज संस्थाओं के सचिव, पटवारी और अन्यों की सेवाएं लेनी पड़ती हैं। ऐसे में स्कूलों में परीक्षाओं को 15 दिसंबर से पहले करवाने का फैसला लिया गया है।
बताया गया कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाने में 15 से 18 करोड़ रुपये लगते हैं। इसमें सबसे ज्यादा खर्च मतपत्र छापने पर आता है। इसके अलावा जो खर्च आता है वो ड्यूटी में सेवारत कर्मचारियों को देने में आता है।