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January 7, 2026

हिमाचल: दहलीज पर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस को भीतरघात का डर- दावेदारी में प्रतिभा सिंह का भी नाम

इंदु गोस्वामी का कार्यकाल होने वाला है समाप्त

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शिमला। पिछली बार जिस एक वोट ने हिमाचल की राजनीति की दिशा बदल दी थी, वही कहानी एक बार फिर दोहराने की दहलीज पर खड़ी है। राज्यसभा की एक सीट और उसके साथ जुड़ा डर, सतर्कता और सियासी रणनीति का पूरा खेल। जून में BJP सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा हो रहा है और इसी के साथ हिमाचल में राज्यसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि 2024 के उस झटके की अग्निपरीक्षा है, जिसने सत्ता में होते हुए भी पार्टी के हाथ से राज्यसभा की कुर्सी छीन ली थी।

आमने-सामने होंगे दोनों दल

हिमाचल से राज्यसभा में फिलहाल तीनों सीटें BJP के पास हैं । जून में इंदु गोस्वामी का कार्यकाल समाप्त होते ही एक सीट पर नया चुनाव होगा। विधानसभा के मौजूदा गणित के मुताबिक कांग्रेस के पास 40 और भाजपा के पास 28 विधायक हैं। इन्हीं विधायकों के मतों से नया सांसद चुना जाएगा। तकनीकी रूप से कांग्रेस की स्थिति मजबूत है, लेकिन 2024 की क्रॉस वोटिंग की याद पार्टी नेतृत्व को फूंक-फूंककर चलने को मजबूर कर रही है।

 

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पिछली बार कैसे पलट गया था पूरा खेल

साल 2024 में जब राज्यसभा चुनाव हुए थे, तब कांग्रेस सत्ता में थी और बहुमत में भी। इसके बावजूद छह कांग्रेस विधायक और तीन निर्दलीय विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने पूरा पासा पलट दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए और भाजपा समर्थित हर्ष महाजन राज्यसभा पहुंच गए। उस घटना ने न सिर्फ सुक्खू सरकार को झकझोरा, बल्कि पूरे संगठन में अविश्वास और सतर्कता का माहौल बना दिया था।

इस बार कांग्रेस क्यों है ज्यादा चौकन्नी

उस झटके के बाद हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने फिर से 40 विधायकों का आंकड़ा छुआ, लेकिन पार्टी जानती है कि संख्या ही सब कुछ नहीं होती। यही वजह है कि इस बार प्रत्याशी चयन से लेकर विधायकों की निगरानी तक हर स्तर पर हाईकमान की सीधी नजर रहने की संभावना है। संगठन के भीतर संदेश साफ है कि इस बार कोई चूक नहीं होगी।

 

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राष्ट्रीय चेहरा या हिमाचली दावेदार?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस इस बार राज्यसभा के लिए किसे मैदान में उतारेगी। क्या हाईकमान फिर किसी राष्ट्रीय चेहरे को हिमाचल भेजेगा या फिर राज्य के किसी वरिष्ठ नेता पर भरोसा जताया जाएगा? चर्चाओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा का नाम, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर के नाम घूम रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

 

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चुनाव का वक्त तय नहीं

देश के कई राज्यों में अप्रैल से जून के बीच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में हिमाचल की सीट पर चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं। भले ही अधिसूचना जारी न हुई हो, लेकिन शिमला से दिल्ली तक राजनीतिक बैठकों और अंदरूनी समीकरणों ने साफ कर दिया है कि इस बार राज्यसभा चुनाव हिमाचल में एक सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बनने जा रहा है।

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