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January 30, 2026

CM सुक्खू और कैबिनेट मंत्रियों का आज उपवास : रिज मैदान पर करेंगे प्रदर्शन, जानें क्या है वजह

रिज पर गांधी प्रतिमा के सामने दो घंटे का उपवास

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congress protest

शिमला। ग्रामीण रोजगार और महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी देश की सबसे बड़ी योजना पर छेड़े गए विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और योजना के स्वरूप में बदलाव के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज शिमला में खुलकर सड़क पर उतर रही है। राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान में कांग्रेस नेता उपवास रखकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।

रिज पर गांधी प्रतिमा के सामने उपवास

हिमाचल कांग्रेस की ओर से यह उपवास कार्यक्रम शिमला के रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया जा रहा है। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस उपवास में प्रदेश कांग्रेस का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहेगा। इस दौरान केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और ग्रामीण हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जाएगा।

 

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सरकार और संगठन दोनों होंगे शामिल

इस उपवास में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल शामिल होंगी।
इसके अलावा कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, शिमला नगर निगम के पार्षद, अग्रणी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी उपवास में भाग लेंगे।

 

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ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर हमला: विनय

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उसकी आत्मा को ही खत्म करने का काम किया है। विनय सिंह ने कहा कि कांग्रेस गरीबों और मजदूरों के हक के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देगी।

PMO के दबाव में बदला गया स्वरूप

विनय सिंह ने कहा कि मनरेगा की मूल भावना ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी देना थी, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में न केवल योजना का नाम बदला गया, बल्कि उसका स्वरूप भी बदल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले में केंद्रीय कैबिनेट को भी भरोसे में नहीं लिया गया, जिससे यह साफ होता है कि योजना को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।

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आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नई व्यवस्था में रोजगार केवल नोटिफाई क्षेत्रों तक सीमित हो सकता है और वहां भी रोजगार की कोई ठोस गारंटी नहीं है। इससे ग्रामीण इलाकों में विकास ठप हो जाएगा और बेरोजगारी और बढ़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार मनरेगा के पुराने स्वरूप को बहाल नहीं करती, तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप देगी।

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राजीव भवन में होगी रणनीतिक बैठक

उपवास कार्यक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठक करेंगी। इस बैठक में सभी जिला अध्यक्षों, मनरेगा बचाओ अभियान के लिए नियुक्त जिला और ब्लॉक समन्वयकों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसके बाद अग्रणी संगठनों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवादल के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी।

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