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August 7, 2025

सदन में गरजे अनुराग, बोले- सुक्खू सरकार ने NHM फंड में किया भ्रष्टाचार; केंद्र से मांगी जांच

हिमाचल सरकार ने एनएचएम और आयुष्मान में किया है बड़ा घोटाला

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Anurag singh thakur

शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विपक्ष ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी है। वीरवार को लोकसभा में हमीरपुर से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नियम 377 के तहत एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ;छभ्डद्ध और आयुष्मान.हिमकेयर योजना में कथित घोटालों को लेकर केंद्र सरकार से जांच और ऑडिट की मांग की।


अनुराग ठाकुर ने सदन में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा NHM निधियों के चिंताजनक कुप्रबंधन का मामला हाल ही में सामने आया है। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2024-25 में आवंटित 521 करोड़ रुपये के खर्च में गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का जवाबी हलफनामा तक स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के न्यूनतम मानकों को नहीं छू पाया।

 

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डॉक्टरों की भारी कमी और व्यवस्थागत खामियां

ठाकुर ने दावा किया कि राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बदहाली का शिकार हैं। बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किए गए डॉक्टरों की जगह सिर्फ 11 नई नियुक्तियाँ की गईं, जबकि 43 पीएचसी में अब भी कोई चिकित्सा अधिकारी मौजूद नहीं है। यह स्थिति ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर उपेक्षा को दर्शाती है।

आयुष्मान-हिमकेयर घोटाले का भी किया जिक्र

सांसद ठाकुर ने अप्रैल 2025 में सामने आए 400 करोड़ रुपये के आयुष्मान.हिमकेयर घोटाले को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि इसमें फर्जी दावे,डेटा चोरी और अनियमित लाभ वितरण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह न केवल योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ भी है।

 

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केंद्र से ऑडिट और जवाबदेही की मांग

अनुराग ठाकुर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह न सिर्फ NHM और आयुष्मान योजना की, बल्कि हिमाचल में संचालित सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं का विस्तृत निष्पक्ष ऑडिट कराए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय निधियों का दुरुपयोग न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि जनता के विश्वास का उल्लंघन भी है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।

सियासी गलियारों में हलचल

भाजपा सांसद के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा इस मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस खेमे में हलचल साफ देखी जा रही है।

 

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अनुराग ठाकुर के इन आरोपों ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर किया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक घोटाला नहीं, बल्कि एक राजनीतिक भूचाल बन सकता है, जिसकी गूंज संसद से लेकर प्रदेश की सड़कों तक सुनाई दे सकती है।

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