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August 18, 2025

हिमाचल में केंद्र के खिलाफ कांग्रेस चलाएगी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान, रजनी पाटिल संभालेंगी कमान

रजनी पाटिल के दौरे से तेज हुई सियासी हलचल

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Vote Chor Gaddi Chhod

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने 22 अगस्त से 7 सितंबर तक पूरे प्रदेश में "वोट चोर, गद्दी छोड़" अभियान चलाने का फैसला लिया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जनता को यह समझाने की कोशिश करेंगे कि किस तरह भाजपा ने कथित तौर पर चुनाव आयोग के सहयोग से मतों में हेरफेर किया है।

2 दिन बाद शिमला पहुंचेंगी पाटिल

इस अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल 20 अगस्त तक शिमला पहुंचेंगी। उनके दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें होंगी, जिनमें ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर होने वाली रैलियों की रणनीति बनाई जाएगी।

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इसके साथ ही यह भी योजना है कि 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक प्रदेश सहित पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाकर बीजेपी के खिलाफ माहौल तैयार किया जाए। इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी ने उठाया था, जिसके बाद कांग्रेस पूरे देश में बीजेपी को कठघरे में खड़ा करने में जुटी हुई है।

साढ़े नौ महीने से कांग्रेस का स्थायी अध्यक्ष नहीं

रजनी पाटिल का यह दौरा हिमाचल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक हलचल को भी बढ़ा रहा है। प्रदेश में पिछले लगभग साढ़े नौ महीने से कांग्रेस का स्थायी अध्यक्ष नहीं है, जिसके चलते संगठनात्मक कामकाज प्रभावित हो रहा है। माना जा रहा है कि पाटिल इस बार न केवल अभियान की तैयारियों का जायजा लेंगी, बल्कि संगठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा करेंगी।

ये हैं अध्यक्ष पद की दौड़ में

सूत्रों के अनुसार, उनके शिमला प्रवास के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा भी संभव है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर, विनय कुमार और विनोद सुल्तानपुरी जैसे नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर निर्भर करेगा।

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आंतरिक गुटबाजी के चलते तैनाती लटकी

गौरतलब है कि कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी के चलते संगठन और अध्यक्ष की तैनाती काफी समय से लटकी हुई है। ऐसे में रजनी पाटिल का दौरा न सिर्फ "वोट चोर, गद्दी छोड़" अभियान को गति देगा, बल्कि प्रदेश कांग्रेस की नई दिशा और नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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