#राजनीति
August 7, 2025
हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में रोहित ठाकुर सबसे आगे- 2 नए मंत्री भी बनेंगे, जानें
रोहित ठाकुर के नाम पर सहमति लगभग तय
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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाएं अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई हैं। हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री और जुब्बल-कोटखाई से चार बार के विधायक रोहित ठाकुर का नाम अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि मंत्री रोहित ठाकुर का नाम लगभग फाइनल बताया जा रहा है।
वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि हाईकमान से बातचीत में रोहित ठाकुर ने स्पष्ट रूप से प्रदेश अध्यक्ष बनने पर सहमति जताई है। उनका कहना है कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। ठाकुर वर्तमान में शिक्षा मंत्री हैं और वीरभद्र सरकार में CPS रह चुके हैं।
मंत्री पद से इस्तीफा: कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर रोहित ठाकुर को मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इससे उनके निर्वाचन क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई को नुकसान होगा।
सियासी कद में इज़ाफा: अध्यक्ष बनने से रोहित ठाकुर का कद कांग्रेस में और बढ़ेगा। वे संगठन में नया पावर सेंटर बन सकते हैं।
कैबिनेट में संतुलन: रोहित के इस्तीफे से शिमला क्षेत्र में मंत्रियों की अधिकता कम होगी और कांगड़ा, कुल्लू या मंडी जैसे जिलों से नए चेहरे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
संगठन को फिर से खड़ा करने की चुनौती: पिछले 9 महीने से प्रदेश कांग्रेस का कोई अध्यक्ष नहीं है। संगठन जमीनी स्तर पर निष्क्रिय हो चुका है। ऐसे में रोहित को संगठन को शून्य से खड़ा करना होगा।
गुटबाजी का सामना: रोहित ठाकुर को सुक्खू समर्थक और होली लॉज (वीरभद्र गुट) विरोधी माना जाता रहा है। संगठन को मजबूती देने के लिए उन्हें दोनों गुटों को साथ लेकर चलना होगा।
यदि रोहित ठाकुर अध्यक्ष बनते हैं, तो मंत्रिमंडल में उनके पद के साथ एक और पद पहले से खाली है। इस पर कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। रोहित की जगह संजय रत्न (ज्वालाजी) या आशीष बुटेल (पालमपुर) को मंत्री बनाया जा सकता है।
रोहित ठाकुर के अलावा जिन नामों की चर्चा है, वे हैं:
आशीष बुटेल (पालमपुर, दो बार विधायक)
कुलदीप राठौर (पूर्व अध्यक्ष)
अनिरुद्ध सिंह, संजय अवस्थी, विनय कुमार, विनोद सुल्तानपुरी, सुरेश कुमार
यदि कांग्रेस हाईकमान अध्यक्ष पद SC कोटे से देना चाहता है, तो विनय कुमार को तरजीह मिल सकती है। वे प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
अगर आशीष बुटेल को अध्यक्ष बनाया जाता है, तो संगठन में कांगड़ा को नेतृत्व मिलेगा, लेकिन मंत्री पद की उम्मीदें खत्म हो जाएंगी। कांगड़ा से पहले तीन मंत्री बनते थे, लेकिन इस बार सिर्फ दो ही बने हैं। ऐसे में बुटेल का संगठन में आना कांगड़ा के मंत्री प्रतिनिधित्व को और सीमित कर सकता है।
यदि रोहित ठाकुर को अध्यक्ष बनाया जाता है, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता में लाना होगा। हिमाचल में आज तक कोई सरकार दोबारा नहीं लौटी है। यहां हर 5 साल में सत्ता बदलती रही है। वीरभद्र सिंह जैसे दिग्गज भी इसे नहीं तोड़ सके।