#राजनीति
June 25, 2025
CM सुक्खू का बड़ा बयान- प्रतिभा सिंह बनीं रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, मुझे कोई दिक्कत नहीं
प्रतिभा बनाम विनय कुमार के बीच खिंची संगठन की लकीरें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति एक बार फिर संगठनात्मक असमंजस के दौर में पहुंच गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं और आलाकमान की तरफ टकटकी लगाए नेता अब एक-दूसरे के बयानों के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।
इस बीच सीएम सुक्खू ने ओक ओवर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रतिभा सिंह ने अध्यक्ष रहते हुए अच्छा काम किया है। यदि उन्हें फिर से अध्यक्ष बनाया जाता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इस बयान के बाद से राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कार्यकाल करीब आठ महीने पहले ही समाप्त हो चुका है और पूरी प्रदेश कार्यकारिणी भी भंग हो चुकी है। ऐसे में यह बयान राजनीतिक मायनों में काफी अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच विनय कुमार का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। वे कांग्रेस के एक पुराने और सक्रिय नेता हैं और हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात भी कर चुके हैं। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि अब तक आलाकमान की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बता दें कि प्रतिभा सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि गर कांग्रेस संगठन में बदलाव की बात होती है, तो ऐसे नेता को कमान दी जानी चाहिए जो जमीनी स्तर पर प्रभावशाली हो। उनका मानना है कि पार्टी की कमान संभाले, वह एक कद्दावर नेता हो जिसकी अपनी पहचान हो और जो संगठन की मजबूती के लिए काम करे। हम यह बात आलाकमान के समक्ष भी रखेंगे।
वहीं, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भले ही सार्वजनिक रूप से प्रतिभा सिंह के अध्यक्ष बने रहने को स्वीकार्य* बताया हो, मगर पार्टी के भीतरू सूत्रों का कहना है कि सुक्खू खेमा नेतृत्व में परिवर्तन का पक्षधर है। ऐसे में CM का यह बयान कहीं न कहीं आलाकमान को एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि अगर प्रतिभा को बनाए रखा जाता है, तो वे विरोध नहीं करेंगे।
वहीं इसी बातचीत के दौरान सीएम सुक्खू ने बीजेपी द्वारा मनाए जा रहे संविधान हत्या दिवस को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। जिस संविधान की वजह से भाजपा सत्ता में आई है, वही आज उसे तोड़ने की बात कर रही है। लोकतंत्र और संविधान को कांग्रेस ने जिंदा रखा है। भाजपा इस पर सियासत कर रही है।